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अब सस्पेंड ड्राइविंग लाइसेंस वापस पाना नहीं होगा आसान, रिफ्रेशर कोर्स के बाद ही मिलेगी बहाली

देहरादून | 9 मई 2026

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंशन और बहाली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब यदि किसी चालक का ड्राइविंग लाइसेंस ट्रैफिक नियमों के गंभीर उल्लंघन के चलते सस्पेंड होता है, तो वह तीन महीने बाद स्वतः सक्रिय नहीं होगा। लाइसेंस को दोबारा एक्टिव कराने के लिए चालक को अनिवार्य रूप से रिफ्रेशर कोर्स करना होगा।

अब तक की व्यवस्था में यदि किसी व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जाता था, तो निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद लाइसेंस अपने आप एक्टिव हो जाता था। चालक को इसके लिए किसी अतिरिक्त प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता था। लेकिन 20 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए नियमों के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह बदल गई है।

देहरादून आरटीओ की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार अब लाइसेंस बहाली के लिए वाहन चालक को अधिकृत ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से रिफ्रेशर कोर्स करना अनिवार्य होगा। इस कोर्स का प्रमाणपत्र आरटीओ कार्यालय में जमा करने के बाद ही विभागीय सत्यापन होगा और उसके बाद सस्पेंड लाइसेंस को दोबारा अनलॉक किया जाएगा।

मोटर वाहन अधिनियम के तहत ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाना, खतरनाक ड्राइविंग, बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ना और अन्य गंभीर मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस को तीन महीने तक के लिए सस्पेंड किया जाता है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और लापरवाह चालकों पर नियंत्रण लगाना होता है।

देहरादून के आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि पहले परिवहन विभाग द्वारा सारथी सॉफ्टवेयर पर लाइसेंस को सस्पेंड कर दिया जाता था और तीन महीने पूरे होने के बाद सिस्टम अपने आप लाइसेंस को एक्टिव कर देता था। इससे वाहन चालकों को आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ते थे। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब बिना रिफ्रेशर कोर्स किए लाइसेंस एक्टिव नहीं होगा।

आरटीओ के अनुसार नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि केवल राज्य सरकार द्वारा अधिकृत ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर से प्राप्त प्रमाणपत्र ही मान्य होगा। ऐसे में वाहन चालकों को प्रशिक्षण लेकर ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग की जानकारी दोबारा हासिल करनी होगी।

परिवहन विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति अधिक जागरूक बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

निष्कर्ष

ड्राइविंग लाइसेंस बहाली के नियमों में किया गया यह बदलाव सड़क सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों को केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि दोबारा वाहन चलाने के लिए प्रशिक्षण प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। ऐसे में वाहन चालकों के लिए यातायात नियमों का पालन करना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।

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