देहरादून | 9 मई 2026
राजधानी देहरादून में देर रात एक सनसनीखेज वारदात ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना प्रेमनगर क्षेत्र में ड्यूटी से लौट रहे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कथित तौर पर अपहरण कर बदमाशों ने उसके साथ मारपीट और लूटपाट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने युवक को जामुनवाला पुल से नीचे नदी में फेंक दिया, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। घायल युवक पूरी रात नदी किनारे पत्थरों के बीच तड़पता रहा, जिसे सुबह सेना के जवानों ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया।
मामला शिवाजी मार्ग, कांवली रोड निवासी 23 वर्षीय आकाश कुमार से जुड़ा है, जो आईटी पार्क स्थित एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। आकाश की ड्यूटी शाम छह बजे से रात दो बजे तक रहती है। गुरुवार देर रात करीब 2:15 बजे वह सहस्रधारा क्रॉसिंग पर घर लौटने के लिए ऑनलाइन बाइक बुक कर रहा था।
इसी दौरान स्कूटी सवार दो युवक वहां पहुंचे और कथित रूप से जबरन आकाश को अपने साथ ले गए। शिकायत के अनुसार आरोपी युवक को घंटाघर, बिंदाल पुल और गढ़ी कैंट क्षेत्र से होते हुए जामुनवाला पुल तक ले गए। रास्तेभर उसके साथ मारपीट की गई।
जामुनवाला पुल पहुंचने के बाद बदमाशों ने युवक का बैग, दो मोबाइल फोन और पर्स में रखे करीब 700 रुपये लूट लिए। इसके बाद आरोपियों ने आकाश को पुल से नीचे नदी में फेंक दिया। पुल से नीचे गिरने के कारण युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया।
घटना के बाद पूरी रात घायल युवक नदी किनारे पत्थरों के बीच पड़ा रहा। शुक्रवार सुबह आसपास के लोगों ने उसकी आवाज सुनी और पास स्थित आर्मी क्षेत्र के जवानों को सूचना दी। सेना के जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और कठिन परिस्थितियों में युवक का रेस्क्यू कर बाहर निकाला।
रेस्क्यू के बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस की मदद से घायल युवक को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार युवक को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पीड़ित के पिता विनोद कुमार ने थाना प्रेमनगर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस अब आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
थाना प्रेमनगर के एसएसआई जितेंद्र कुमार ने बताया कि युवक अभी मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं है, जिसके कारण वह घटना के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दे पा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
निष्कर्ष
देहरादून में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ हुई यह वारदात राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। देर रात काम से लौटने वाले युवाओं की सुरक्षा को लेकर अब पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है, जबकि घायल युवक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।


