गाली-गलौज और धमकियों से परेशान होकर स्टील के नुकीले टुकड़े से की हत्या
रुड़की, हरिद्वार | 14 मई 2026
हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड को उसी केंद्र में रह रहे एक 15 वर्षीय नाबालिग ने अंजाम दिया था। आरोपी ने कथित तौर पर लगातार गाली-गलौज और मारपीट की धमकियों से परेशान होकर युवक पर हमला किया था।
घटना के खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं नशा मुक्ति केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
शौचालय में मिला था युवक का शव
जानकारी के अनुसार, 13 मई बुधवार की सुबह सिविल लाइन कोतवाली पुलिस को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि ढंढेरी ख्वाजगीपुर स्थित अनमोल जीवन समिति नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक मृत अवस्था में पड़ा हुआ है।
सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप बिष्ट पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान केंद्र के शौचालय में युवक का शव पड़ा मिला। मृतक की पहचान आशीष के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार शव पर गंभीर चोटों के निशान थे और आसपास काफी मात्रा में खून फैला हुआ था, जिससे मामला हत्या का प्रतीत हुआ।
परिजनों ने जताई थी हत्या की आशंका
घटना की सूचना मिलते ही मृतक आशीष के परिजन भी मौके पर पहुंचे थे। परिजनों ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई थी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की गहन जांच शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
पुलिस जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
घटना की जांच के दौरान पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र में मौजूद लोगों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि हत्या केंद्र में रह रहे एक 15 वर्षीय नाबालिग युवक ने की थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतक आशीष अक्सर उसके साथ गाली-गलौज करता था और मारपीट की धमकी देता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर उसने गुस्से में यह कदम उठाया।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने स्टील के नुकीले टुकड़े से आशीष पर हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस संरक्षण में लिया गया नाबालिग आरोपी
पुलिस ने आरोपी नाबालिग को नियमानुसार संरक्षण में ले लिया है। मामले में शिकायतकर्ता नवीन गौतम निवासी बसेड़ी खादर, लक्सर की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना को लेकर एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मृतक और आरोपी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
उन्होंने कहा कि गाली-गलौज और धमकियों से आहत होकर आरोपी ने स्टील के नुकीले टुकड़े से हमला किया, जिससे आशीष की मौत हो गई।
नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद नशा मुक्ति केंद्रों की आंतरिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे केंद्रों में मानसिक तनाव से गुजर रहे लोगों की नियमित काउंसलिंग और निगरानी बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
रुड़की के नशा मुक्ति केंद्र में हुई यह हत्या केवल आपराधिक घटना नहीं, बल्कि मानसिक तनाव, असुरक्षा और निगरानी की कमी का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आई है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को पकड़ लिया है, लेकिन इस घटना ने नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और वहां रहने वालों की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में प्रशासन के लिए ऐसे संस्थानों की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना बड़ी चुनौती होगी।


