देहरादून/चकराता, 19 मई 2026
देहरादून जिले के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले लाखामंडल क्षेत्र में अवैध खुदाई का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। प्राचीन शिव मंदिर के समीप संरक्षित क्षेत्र में जेसीबी मशीन से की जा रही खुदाई के दौरान प्राचीन मूर्तियां और अवशेष मिलने की सूचना से क्षेत्र में हलचल मच गई है।
मंदिर समिति ने इस मामले को धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद एसडीएम ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
संरक्षित क्षेत्र में जेसीबी से कराई जा रही थी खुदाई
जानकारी के अनुसार लाखामंडल स्थित प्राचीन शिव मंदिर के आसपास कुछ लोगों द्वारा जेसीबी मशीन से खुदाई कराई जा रही थी। यह क्षेत्र पुरातात्विक और धार्मिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
स्थानीय लोगों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों का आरोप है कि संरक्षित क्षेत्र में बिना अनुमति अवैध रूप से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान जमीन के भीतर से कुछ प्राचीन अवशेष और मूर्तियां मिलने की बात सामने आई।
घटना के बाद मंदिर समिति ने नाराजगी जताते हुए प्रशासन को शिकायत भेजी।
पहले भी मिल चुके हैं प्राचीन अवशेष
मंदिर समिति के अनुसार यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी लाखामंडल क्षेत्र में खुदाई के दौरान कई प्राचीन अवशेष और मूर्तियां मिल चुकी हैं।
समिति का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों से इस ऐतिहासिक धरोहर को खतरा पैदा हो रहा है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष सुशील गौड़ ने कहा कि संरक्षित क्षेत्र में इस तरह की खुदाई पूरी तरह प्रतिबंधित होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जेसीबी के जरिए की जा रही खुदाई से ऐतिहासिक महत्व की धरोहरों को नुकसान पहुंच सकता है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मंदिर समिति की शिकायत के बाद एसडीएम प्रेमलाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं।
उन्होंने नायब तहसीलदार चकराता राजेंद्र लाल और क्षेत्रीय राजस्व उपनिरीक्षक लाखामंडल सुरेश चंद जिनाटा को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुरातत्व विभाग को भी किया जाएगा अवगत
एसडीएम प्रेमलाल ने बताया कि जांच के दौरान खुदाई स्थल से मिले प्राचीन अवशेषों और मूर्तियों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुरातत्व विभाग को भी अवगत कराया जाएगा ताकि अवशेषों की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की जांच कराई जा सके।
यदि जांच में अवैध खुदाई और अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पौराणिक महत्व रखता है लाखामंडल
लाखामंडल उत्तराखंड का एक प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है, जिसका संबंध महाभारत काल से माना जाता है। यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं और इतिहास प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र है।
मान्यता है कि यह क्षेत्र पांडवों और कौरवों के समय से जुड़ा हुआ है। इसी कारण यहां मिलने वाले अवशेषों को ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
निष्कर्ष
लाखामंडल में अवैध खुदाई के दौरान प्राचीन मूर्तियों और अवशेषों के मिलने की घटना ने एक बार फिर ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर समिति और स्थानीय लोग संरक्षित क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
अब प्रशासनिक जांच और पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मिले अवशेष कितने पुराने और ऐतिहासिक रूप से कितने महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाने को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।




