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दलेर मेहंदी विवाद पर सुबोध उनियाल का दोटूक जवाब, बोले- न माफी मांगी, न जरूरत; ₹36 लाख की परफॉर्मेंस पर उठाए सवाल

देहरादून/टिहरी गढ़वाल, 27 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के बीच कुंजापुरी मेले में हुआ विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पहले मीका सिंह की टीम की ओर से दावा किया गया था कि मंत्री ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी है, लेकिन अब सुबोध उनियाल ने इस दावे को खारिज कर दिया है। मंत्री का कहना है कि उन्होंने न तो माफी मांगी है और न ही उन्हें ऐसा करने की जरूरत महसूस होती है।

उनियाल ने गायक की प्रस्तुति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्यक्रम के लिए 36 लाख रुपये दिए जाने के बावजूद मंच पर अपेक्षा के अनुरूप परफॉर्मेंस नहीं हुई। उनके इस बयान के बाद विवाद में एक नया मोड़ आ गया है।

18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले में शुरू हुआ था विवाद

पूरा मामला 18 अक्टूबर को टिहरी गढ़वाल में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति को लेकर सवाल उठाए।

मंत्री ने आरोप लगाया था कि दलेर मेहंदी ठीक से बोल और खड़े नहीं हो पा रहे थे तथा लाइव गायन के बजाय लिप-सिंक कर रहे थे। उन्होंने गायक के नशे में होने का आरोप भी लगाया था। हालांकि, यह मंत्री की ओर से लगाया गया आरोप था।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। इसके बाद कलाकारों के सम्मान और कार्यक्रमों के आयोजन से जुड़े सवाल भी उठने लगे।

₹36 लाख के भुगतान को लेकर मंत्री ने दी सफाई

सुबोध उनियाल ने अपने पक्ष में कार्यक्रम के लिए तय किए गए 36 लाख रुपये के भुगतान का हवाला दिया। उनका कहना है कि दलेर मेहंदी बड़े कलाकार हैं और इसी आधार पर उन्हें कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए इतनी बड़ी रकम का प्रस्ताव दिया गया था।

मंत्री का तर्क है कि यदि कलाकार की तबीयत ठीक नहीं थी या वह मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में नहीं थे, तो आयोजकों को पहले इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी।

उनियाल ने अब माफी से इनकार करते हुए कहा कि उनके मुताबिक, पहली गलती प्रस्तुति में हुई और उसके बाद उनके माफी मांगने की खबर चलाकर दूसरी गलती की गई। उन्होंने इस तरह माफी मांगने के दावे को गलत बताया है।

मीका सिंह की टीम ने किया था फोन पर माफी का दावा

विवाद के बीच पंजाबी गायक मीका सिंह ने अपने बड़े भाई दलेर मेहंदी का समर्थन किया था। उन्होंने कलाकारों के सम्मान का मुद्दा उठाया और मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत की थी। बातचीत के बाद मीका सिंह की टीम की ओर से दावा किया गया कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। टीम ने उम्मीद जताई थी कि बातचीत से विवाद खत्म हो सकेगा।

हालांकि, सुबोध उनियाल के ताजा बयान ने इस दावे से अलग स्थिति सामने रख दी है। मंत्री ने साफ कहा है कि उन्होंने माफी नहीं मांगी। इस तरह दोनों पक्षों की ओर से सामने आए बयानों में विरोधाभास दिखाई दे रहा है।

दलेर मेहंदी की सेहत को लेकर भी हुई थी चर्चा

विवाद के दौरान दलेर मेहंदी की सेहत और उनकी हालिया सर्जरी को लेकर भी चर्चाएं सामने आई थीं। हालांकि, मंच पर उनकी प्रस्तुति को लेकर मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों और कलाकार की स्वास्थ्य स्थिति के बीच संबंध के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए पर्याप्त पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

फिलहाल विवाद का केंद्र मंच पर हुई घटना, प्रस्तुति की गुणवत्ता और माफी मांगने को लेकर किए गए परस्पर विरोधी दावे बने हुए हैं।

अब माफी के दावे पर आमने-सामने आए बयान

कुंजापुरी मेले में शुरू हुआ यह विवाद अब केवल मंच पर हुई बहस तक सीमित नहीं रह गया है। एक ओर मीका सिंह की टीम फोन पर माफी मांगे जाने का दावा कर चुकी है, वहीं दूसरी ओर सुबोध उनियाल ने इस बात से इनकार किया है।

मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में प्रस्तुति और भुगतान को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि गायक के समर्थन में कलाकारों के सम्मान का मुद्दा उठाया गया था।

निष्कर्ष

दलेर मेहंदी और सुबोध उनियाल के बीच विवाद को लेकर फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों में अंतर सामने आ रहा है। माफी मांगने के दावे को मंत्री ने खारिज कर दिया है और 36 लाख रुपये के भुगतान के बावजूद प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में संबंधित पक्ष आगे क्या प्रतिक्रिया देते हैं और विवाद को लेकर कोई सहमति बन पाती है या नहीं।

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