देहरादून | 29 सितंबर 2026
दून विश्वविद्यालय की कैंटीन में खाने को लेकर छात्रों के विरोध के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को विभाग की टीम ने विश्वविद्यालय की अलकनंदा कैंटीन, गेस्ट हाउस कैंटीन समेत अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खाद्य सामग्री के 54 नमूने लिए गए, जिनमें से मौके पर जांच में 9 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित मेस संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
खाने में कीड़े और सब्जी में मिले थे नट-बोल्ट
मामला सोमवार को उस समय सामने आया, जब दून विश्वविद्यालय की अलकनंदा कैंटीन में परोसे गए भोजन को लेकर छात्रों ने शिकायत की। छात्रों का आरोप था कि खाने में कीड़े मिले। इतना ही नहीं, सब्जी में लोहे के नट-बोल्ट मिलने की बात भी सामने आई।
इस घटना के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। देर रात छात्रों ने विश्वविद्यालय की कुलपति के आवास का घेराव कर नारेबाजी की। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद कुलपति की ओर से मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद छात्र शांत हुए।
खाद्य विभाग की टीम ने लिया 54 नमूनों का सैंपल
छात्रों की शिकायत और मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम मंगलवार को विश्वविद्यालय पहुंची। टीम ने अलग-अलग कैंटीन और मेस में खाद्य पदार्थों की जांच की।
अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान 54 खाद्य नमूने लिए गए। इनमें से 9 नमूने जांच में फेल पाए गए। इसके बाद विभाग ने संबंधित मेस संचालक को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
किचन की खिड़कियों पर जाली तक नहीं मिली
निरीक्षण के दौरान खाद्य विभाग की टीम को मेस की व्यवस्था में कई कमियां भी मिलीं। अधिकारियों के अनुसार जहां भोजन तैयार किया जाता है, वहां लगी खिड़कियों पर जाली नहीं थी। इससे बाहर से कीड़े और अन्य गंदगी के अंदर पहुंचने की संभावना बनी रहती है।
छात्रों की शिकायत के बाद सामने आई इन कमियों ने विश्वविद्यालय की कैंटीन व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन दिन पहले भी दिया गया था नोटिस
जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मेस संचालक को करीब तीन दिन पहले भी नोटिस जारी किया गया था। उस समय भी व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद दोबारा निरीक्षण में कई कमियां सामने आने के बाद विभाग ने फिर नोटिस जारी किया है।
उधर, विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से कैंटीन संचालन में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। बताया गया है कि जल्द ही कैंटीन का टेंडर बदला जा सकता है और संचालन की जिम्मेदारी किसी दूसरी कंपनी को दी जाएगी।
अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई
दून विश्वविद्यालय के अलावा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने नंदा की चौकी, सुद्धोवाला, हरबर्टपुर और धर्मावाला क्षेत्र में भी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
इस अभियान के दौरान अलग-अलग दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 104 नमूने लिए गए। इनमें से 23 नमूने जांच में फेल पाए गए। संबंधित कारोबारियों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।
जांच अभियान के दौरान उपायुक्त सचल विश्लेषणशाला वीरेंद्र बिष्ट, संतोष कुमार सिंह, रमेश सिंह, संजय तिवारी और जितेंद्र भंडारी समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
विभाग ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त मनीष सयाना ने कहा कि जांच के दौरान दून विश्वविद्यालय की मेस से लिए गए नमूनों में नौ नमूने गड़बड़ पाए गए हैं। संबंधित संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में विभाग गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है।
निष्कर्ष
दून विश्वविद्यालय की कैंटीन में खाने को लेकर छात्रों के विरोध के बाद हुई खाद्य विभाग की जांच ने मेस की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 54 नमूनों में नौ के मानकों पर खरा न उतरने और किचन की व्यवस्थाओं में कमियां मिलने के बाद अब मेस संचालक को विभाग के नोटिस का जवाब देना होगा। वहीं विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से कैंटीन संचालन में बदलाव की बात कही जा रही है। अब निगाह इस बात पर है कि आगे खाद्य विभाग और विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।


