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गढ़वाल विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री से बना मैनेजर, दिल्ली से एक और आरोपी गिरफ्तार; पौड़ी पुलिस की जांच में सामने आया नया नाम

स्थान: पौड़ी/श्रीनगर, उत्तराखंड
तिथि: 4 अक्टूबर 2026

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी डिग्री और अंकतालिका तैयार कर नौकरी हासिल करने के मामले में पौड़ी पुलिस को एक और सफलता मिली है। पुलिस ने इस प्रकरण में शामिल बताए जा रहे आरोपी मनजीत सिंह को दक्षिण दिल्ली के बसंत विहार से गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि मनजीत सिंह ने विश्वविद्यालय की फर्जी बीबीए डिग्री और अंकतालिका का इस्तेमाल कर एक निजी कंपनी में मैनेजर का पद हासिल किया था। मामले में पहले दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है।

विश्वविद्यालय की शिकायत से खुला फर्जीवाड़े का मामला

इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 25 मार्च 2026 को हुई थी। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर के परीक्षा नियंत्रक जय सिंह चौहान ने कोतवाली श्रीनगर में लिखित शिकायत देकर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार किए जाने की जानकारी दी थी।

शिकायत के अनुसार, कासिफ कलीम समेत अन्य लोगों पर विश्वविद्यालय के नाम से फर्जी अंकतालिका और डिग्री तैयार करने का आरोप था। कथित तौर पर इन दस्तावेजों में विश्वविद्यालय के आधिकारिक प्रारूप, मोहरों और संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षरों की भी नकल की गई थी।

पुलिस को दी गई शिकायत में यह भी बताया गया कि इन कूटरचित दस्तावेजों को असली शैक्षणिक प्रमाणपत्र बताकर विभिन्न स्थानों पर इस्तेमाल किया जा रहा था।

गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

शिकायत के आधार पर कोतवाली श्रीनगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 336(4), 338 और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पौड़ी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने नामजद आरोपियों के साथ ही इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।

पहले दो आरोपी जा चुके हैं जेल

मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी श्रीनगर तपेश कुमार के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। कोतवाली श्रीनगर के प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई आगे बढ़ाई।

पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में नामजद आरोपी कासिफ कलीम और जांच के दौरान सामने आए देवांश पांडे को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

इन आरोपियों से मिली जानकारी और जांच में जुटाए गए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अन्य संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल शुरू की।

फर्जी बीबीए डिग्री के आधार पर निजी कंपनी में हासिल की नौकरी

जांच के दौरान मनजीत सिंह का नाम सामने आया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने गढ़वाल विश्वविद्यालय के नाम से फर्जी बीबीए की अंकतालिका और डिग्री तैयार कराई थी।

इन्हीं कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वह एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और सूचना के आधार पर उसकी तलाश शुरू की।

इसके बाद पुलिस टीम ने दक्षिण दिल्ली के बसंत विहार क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए मनजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

न्यायालय में पेशी, अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी डिग्री और अंकतालिका तैयार करने में किन लोगों की भूमिका रही और इन दस्तावेजों का अन्य कहां-कहां इस्तेमाल किया गया।

निष्कर्ष

गढ़वाल विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी डिग्री और अंकतालिका तैयार कर नौकरी हासिल करने का यह मामला शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पौड़ी पुलिस की कार्रवाई में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की जांच जारी है।

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