स्थान: खटीमा, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड
तिथि: 4 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोककलाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में खटीमा में तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव-2026 का भव्य आगाज हुआ। पहली बार देहरादून से बाहर थारू जनजाति की धरती खटीमा में आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम की शुरुआत से ही खटीमा में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। मुख्य चौक से आयोजन स्थल तक निकाले गए भव्य रोड शो में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
ढोल-दमाऊ की थाप पर झूमे मुख्यमंत्री धामी
आदि रंगोत्सव में देश के 18 राज्यों से पहुंचे जनजातीय कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्यों के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की। उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र की ढोल-दमाऊ टीम की प्रस्तुति ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कलाकारों के बीच पहुंचे और लोकधुनों पर उनके साथ झूमते नजर आए। इस दौरान उन्होंने स्वयं ढोल बजाकर उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के प्रति अपना जुड़ाव भी प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में हनुमान अंश की टीम ने भी विशेष रूप से प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन में पहुंचने पर टीम के सदस्यों को सम्मानित किया और इसे भगवान हनुमान के आशीर्वाद से जुड़ा शुभ अवसर बताया।
खटीमा के एकलव्य विद्यालय को मिलेंगे 10 करोड़ रुपये
महोत्सव के दौरान जनजातीय शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणा की गई। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने खटीमा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के आधुनिकीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की।
इस राशि से विद्यालय की सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। घोषणा को क्षेत्र में जनजातीय विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के अवसर मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जुएल ओराम ने आयोजन में आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री धामी का आभार जताया।
देहरादून से निकलकर जनजातीय संस्कृति की धरती पर पहुंचा उत्सव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का आयोजन पहली बार खटीमा में किया जा रहा है। इससे पहले यह कार्यक्रम देहरादून तक सीमित रहा था।
उन्होंने कहा कि खटीमा जैसे जनजातीय बहुल क्षेत्र में इस तरह के आयोजन से स्थानीय परंपराओं, लोककलाओं और जनजातीय समुदायों को व्यापक मंच मिलेगा। यह महोत्सव विभिन्न राज्यों की जनजातीय संस्कृति को एक-दूसरे से जोड़ने का भी अवसर है।
स्थानीय उत्पादों और कलाकारों को मिला मंच
आयोजन स्थल पर विभिन्न विभागों और स्थानीय उत्पादों से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं। इनके माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्तुओं और क्षेत्रीय उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
महोत्सव में थारू जनजाति सहित विभिन्न समुदायों के लोगों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।
कार्यक्रम की शाम को जनजातीय कलाकारों के अलावा प्रसिद्ध कलाकार श्वेता माहरा और लोकगायिका माया उपाध्याय की प्रस्तुतियां भी प्रस्तावित रहीं।
कई जनप्रतिनिधि और मंत्री रहे मौजूद
आदि रंगोत्सव के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री खजान दास, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
खटीमा में आयोजित आदि रंगोत्सव-2026 ने उत्तराखंड की जनजातीय पहचान को राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच से जोड़ने की नई पहल की है। 18 राज्यों के कलाकारों की भागीदारी, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और एकलव्य विद्यालय के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा ने इस आयोजन को सांस्कृतिक उत्सव के साथ-साथ विकास की दृष्टि से भी खास बना दिया।





