दिनांक: 20 सितंबर 2026
स्थान: विजयपुर, कालाढूंगी, हल्द्वानी, उत्तराखंड
कालाढूंगी क्षेत्र के विजयपुर गांव में गुलदार की सक्रियता ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। देर शाम गांव में घूम रहे 10 वर्षीय अंश पर अचानक गुलदार ने झपट्टा मार दिया। हमले के दौरान बच्चे ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई और किसी तरह गुलदार के चंगुल से निकलकर अपनी जान बचा ली। घटना में अंश घायल हुआ है। उसके परिजनों ने तत्काल उसका उपचार कराया।
गुलदार के हमले की जानकारी सामने आने के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिसके कारण बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर भेजने में भी डर लग रहा है।
अचानक सामने आया गुलदार, अंश पर किया हमला
जानकारी के अनुसार, अंश गांव में मौजूद था। इसी दौरान अचानक गुलदार ने उस पर झपट्टा मार दिया। हमले से अंश कुछ पल के लिए घबरा गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं छोड़ी। उसने खुद को गुलदार से बचाने का प्रयास किया और किसी तरह उसके चंगुल से निकल गया।
बच्चे की दिलेरी के कारण वह बड़ी अनहोनी से बच गया। हालांकि हमले में उसे चोटें आईं, जिसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए ले गए।
बच्चे के साहस से पीछे हटा गुलदार
घटना के बाद ग्रामीणों में अंश की हिम्मत की चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह अचानक गुलदार ने बच्चे पर हमला किया, उसमें स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। लेकिन अंश ने घबराने के बजाय साहस दिखाया और गुलदार के हमले से बच निकलने में कामयाब रहा।
घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में गुलदार की मौजूदगी और मानव-बस्ती के आसपास उसकी बढ़ती सक्रियता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
वन विभाग ने दी मुआवजे की जानकारी
घटना की जानकारी वन विभाग तक पहुंचने के बाद विभागीय अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। गदगदिया रेंज के वन क्षेत्राधिकारी जगदीश जोशी ने बताया कि वन विभाग को घटना की जानकारी है। अंश का उपचार कराया गया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पीड़ित को मुआवजा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
शाम होते ही गांव में पसरा सन्नाटा
गुलदार के हमले की खबर फैलने के बाद विजयपुर गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से गुलदार की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। शाम होते ही लोग जरूरी काम के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
सबसे अधिक चिंता बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार की सक्रियता को देखते हुए वन विभाग को क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ानी चाहिए, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।
वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव और आसपास के इलाकों में वन विभाग की टीम नियमित गश्त करे। उनका कहना है कि शाम और रात के समय विशेष निगरानी की जरूरत है। ग्रामीणों के मुताबिक यदि गुलदार की गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी निगरानी नहीं रखी गई तो बच्चों और ग्रामीणों के लिए खतरा बना रह सकता है।
निष्कर्ष
विजयपुर गांव में 10 वर्षीय अंश पर गुलदार के हमले की घटना ने एक बार फिर मानव-बस्ती के आसपास वन्यजीवों की सक्रियता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अंश ने साहस दिखाकर खुद को गुलदार से बचा लिया, लेकिन घटना के बाद ग्रामीण बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वन विभाग ने घटना का संज्ञान लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया और निगरानी की बात कही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।


