देहरादून | 19 सितंबर 2026
देहरादून: कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के उस बयान को लेकर उत्तराखंड की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके परिवार के जो लोग ईडी और सीबीआई से घबराते हैं, वे भाजपा में चले गए। अब भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रवींद्र जुगरान ने इस बयान पर पलटवार करते हुए हरक सिंह रावत से उनके परिवार को लेकर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
जुगरान ने उठाया परिवार की परिभाषा पर सवाल
रवींद्र जुगरान ने कहा कि हरक सिंह रावत यदि भाजपा में शामिल अपने परिवार के लोगों को जांच एजेंसियों से डरने वाला बता रहे हैं, तो उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह किन लोगों को अपना परिवार मानते हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि हरक सिंह रावत सार्वजनिक रूप से यह बताएं कि उनके कितने पुत्र-पुत्रियां हैं और कानूनन उनके कितने उत्तराधिकारी और वारिस हैं। जुगरान का कहना है कि लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण पदों पर रहे नेता के बयानों के संदर्भ में यह स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
हरक के बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
दरअसल, हरक सिंह रावत ने कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा था कि वह खुद घबराने वाले व्यक्ति नहीं हैं और उनके परिवार के जो लोग घबरा सकते थे, वे भाजपा में चले गए। उन्होंने यह भी कहा था कि एक समय के बाद बच्चे अपने माता-पिता की इच्छा के अनुसार नहीं, बल्कि अपनी इच्छा के अनुसार निर्णय लेते हैं।
इस बयान को उनकी पुत्रवधू एवं भाजपा प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं से जोड़कर भी देखा गया। अनुकृति ने जवाब देते हुए कहा था कि जिस समय की बात हरक सिंह कर रहे हैं, उस समय वह राजनीति में नहीं थीं और उनकी शादी भी नहीं हुई थी। उन्होंने अपने भाजपा में आने को राजनीतिक विचारधारा से जुड़ा निर्णय बताया था।
भाजपा ने राजनीतिक बहस में उठाया मुद्दा
रवींद्र जुगरान ने कहा कि हरक सिंह रावत कई बार मंत्री और नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार को लेकर सार्वजनिक जीवन में अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रही हैं तो उन्हें स्वयं इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, यदि हरक सिंह रावत अपने बयान में परिवार के कुछ सदस्यों की बात कर रहे हैं तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि उनका संकेत किन लोगों की ओर है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं के बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया स्वाभाविक है और इस मामले में भी तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच परिवार का मुद्दा चर्चा में
हरक सिंह रावत के बयान के बाद उनके और भाजपा में सक्रिय उनकी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हुई है। अनुकृति गुसाईं अप्रैल 2024 में भाजपा में शामिल हुई थीं और अगस्त 2026 में उन्हें पार्टी का प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया।
अब भाजपा की ओर से रवींद्र जुगरान के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। जुगरान ने साफ कहा है कि हरक सिंह रावत को अपने बयान के संदर्भ में परिवार की परिभाषा और संबंधित तथ्यों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
निष्कर्ष
हरक सिंह रावत के ईडी और भाजपा में शामिल परिवार के सदस्यों को लेकर दिए गए बयान के बाद भाजपा ने इसे राजनीतिक बहस का मुद्दा बनाया है। रवींद्र जुगरान ने रावत से उनके परिवार और कानूनी उत्तराधिकारियों को लेकर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट जानकारी देने को कहा है। वहीं, इस पूरे विवाद में हरक सिंह रावत और अनुकृति गुसाईं के अलग-अलग राजनीतिक दलों में होने के कारण पारिवारिक संबंध भी चर्चा का हिस्सा बन गए हैं।


