देहरादून | 19 सितंबर 2026
देहरादून: उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्वागत में प्रस्तावित रोड शो को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा ने इसे महज स्वागत कार्यक्रम के बजाय शक्ति प्रदर्शन बताते हुए कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर चल रही कथित खींचतान को चुनावी मुद्दा बनाने के संकेत दिए हैं।
कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर भाजपा का फोकस
भाजपा का कहना है कि कांग्रेस में चुनावी तैयारियों के बीच ही नेता एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में जुटे हैं। पार्टी ने हरीश रावत के समर्थन में प्रस्तावित रोड शो को इसी राजनीतिक खींचतान से जोड़ते हुए सवाल उठाया है कि आखिर ऐसे शक्ति प्रदर्शन की जरूरत क्यों महसूस हो रही है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि कांग्रेस में हरीश रावत को पूरा सम्मान और राजनीतिक महत्व मिल रहा है तो उनके स्वागत के लिए शक्ति प्रदर्शन की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। भाजपा अब इसी सवाल को कांग्रेस की आंतरिक राजनीति से जोड़कर सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनाने की तैयारी में है।
ईडी कार्रवाई के बाद सामने आया था संगठनात्मक पदों से हटने का मुद्दा
भाजपा ने अपने हमले में ईडी की कार्रवाई के बाद हरीश रावत की ओर से कांग्रेस के संगठनात्मक पदों से हटने की इच्छा जताए जाने का भी उल्लेख किया। हालांकि रावत ने कांग्रेस छोड़ने का कोई इरादा नहीं होने की बात स्पष्ट की थी।
इसके बाद उनके समर्थन में प्रस्तावित कार्यक्रम को भाजपा कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव को लेकर चल रही चर्चा से जोड़ रही है। पार्टी का कहना है कि रोड शो के जरिए किसे राजनीतिक संदेश दिया जा रहा है, यह सवाल कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए।
भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने उठाए सवाल
भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने भी प्रस्तावित रोड शो को लेकर कांग्रेस पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अगर हरीश रावत को पार्टी में पर्याप्त सम्मान और महत्व प्राप्त है तो फिर ताकत दिखाने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
भाजपा के मुताबिक यह कार्यक्रम कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक वर्चस्व से जुड़े मतभेदों की ओर संकेत करता है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष को सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने से पहले अपने संगठन के भीतर चल रही राजनीतिक चर्चाओं और मतभेदों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
चुनावी राजनीति में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को मुद्दा बनाने की तैयारी
भाजपा अब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर सामने आने वाली घटनाओं को आगामी चुनावी विमर्श से जोड़ने की तैयारी में है। पार्टी की रणनीति में हरीश रावत के प्रस्तावित रोड शो को कांग्रेस की आंतरिक राजनीति के उदाहरण के तौर पर पेश किया जा रहा है।
वहीं कांग्रेस की ओर से इस कार्यक्रम को किस रूप में आयोजित किया जाता है और पार्टी नेता भाजपा के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
निष्कर्ष
हरीश रावत के प्रस्तावित स्वागत रोड शो ने उत्तराखंड की सियासत में एक नया राजनीतिक विमर्श खड़ा कर दिया है। भाजपा इसे कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव की खींचतान से जोड़ रही है, जबकि कार्यक्रम का वास्तविक स्वरूप और उसका राजनीतिक संदेश आयोजन के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल भाजपा ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को आगामी चुनावी बहस का हिस्सा बनाने के संकेत दे दिए हैं।


