दिनांक : 26 सितंबर 2026
स्थान : हरिद्वार, उत्तराखंड
हरिद्वार के शांतरशाह क्षेत्र में बाइक मैकेनिक हैप्पी की हत्या के मामले में पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से जांच को आगे बढ़ाया। इसी दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम सुराग मिले।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जांच के दौरान पुलिस की एक आरोपी से मुठभेड़ भी हुई। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूछताछ में उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल शुरू कर दी है।
300 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाली
हैप्पी की हत्या के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना पुलिस और सीआईयू की अलग-अलग टीमों को जांच में लगाया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई।
जांच टीमों ने 300 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगाला। इसके साथ ही मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई। लगातार जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
तिरछा पुल के पास पुलिस से हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार आरोपियों की तलाश के दौरान टीम को तिरछा पुल के पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर घेराबंदी की तो बदमाशों ने टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बाइक पर सवार मुदस्सिर पैर में गोली लगने से घायल हो गया। इसके बाद वह झाड़ियों की ओर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया।
घायल आरोपी को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
पूछताछ में सामने आए अन्य आरोपियों के नाम
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान हत्या की वारदात से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पूछताछ में इश्तिकार और शादाब समेत अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं।
पुलिस अब इन सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं।
मुखबिरी के शक और पैसों को लेकर हत्या की साजिश
पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे मुखबिरी का शक और पैसों को लेकर दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को शक था कि हैप्पी उनके बारे में जानकारी पुलिस तक पहुंचा रहा है। इसी के साथ पैसों को लेकर भी उस पर दबाव बनाने की बात सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि इन्हीं कारणों के चलते हैप्पी की हत्या की साजिश रची गई। हालांकि पूरे घटनाक्रम में प्रत्येक आरोपी की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।
हथियार और बाइक उपलब्ध कराने वालों की भी जांच
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियार और बाइक उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या की पूरी कड़ी को जोड़ने के लिए आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ अन्य साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
निष्कर्ष
शांतरशाह में बाइक मैकेनिक हैप्पी की हत्या के मामले में 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मैनुअल इंटेलिजेंस पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुई। एक आरोपी की मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी और पूछताछ से पुलिस को अन्य संदिग्धों तक पहुंचने में मदद मिली है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ हत्या में इस्तेमाल हथियार और वाहन से जुड़ी कड़ियों की भी जांच कर रही है।


