कोलकाता/नई दिल्ली | 29 सितंबर 2026
दिल्ली में 30 सितंबर को प्रस्तावित INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बैठक में शामिल होने की खबरों के बीच ऋतब्रत बनर्जी ने उन पर निशाना साधा है। ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। बैठक में निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच चर्चा होनी है।
ऋतब्रत बनर्जी ने सवाल उठाया कि ममता बनर्जी दिल्ली की बैठक में INDIA ब्लॉक को मजबूत करने के लिए पहुंच रही हैं या गठबंधन के भीतर मतभेद और बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इसका जवाब आने वाले समय में ही सामने आएगा।
कांग्रेस के साथ बैठने को लेकर भी उठाया सवाल
ऋतब्रत बनर्जी ने टीएमसी और कांग्रेस के बीच संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ समय पहले ममता बनर्जी की ओर से संसद में कांग्रेस के साथ नहीं बैठने की बात कही गई थी। ऐसे में अब दिल्ली की बैठक में उनकी भूमिका क्या होगी, यह देखने वाली बात होगी।
उन्होंने कांग्रेस और टीएमसी के बीच पश्चिम बंगाल में सीटों और चुनावी तालमेल को लेकर रहे मतभेदों का भी उल्लेख किया। ऋतब्रत ने सवाल किया कि दिल्ली में ममता बनर्जी कांग्रेस नेताओं के साथ बैठेंगी या वामपंथी दलों के नेताओं के साथ।
‘हाउस अरेस्ट’ के दावे पर भी सवाल
ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के उस हालिया दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने खुद और अपने खेमे के नेताओं को घर में नजरबंद किए जाने का आरोप लगाया था। ऋतब्रत ने पूछा कि अगर ममता बनर्जी वास्तव में हाउस अरेस्ट थीं, तो वह और अभिषेक बनर्जी अपने घर से एयरपोर्ट तक कैसे पहुंचे।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में दावा किया था कि उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा था और उनके खेमे के कुछ नेताओं को भी घर में नजरबंद किया गया है।
ममता और वाम दलों के बीच बातचीत भी चर्चा में
INDIA ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक से पहले ममता बनर्जी और CPI(M) महासचिव एमए बेबी के बीच बातचीत भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों और विपक्षी दलों के बीच समन्वय को लेकर बातचीत हुई है। इसके अलावा ममता बनर्जी की कांग्रेस नेतृत्व के साथ भी बातचीत की खबरें सामने आई हैं।
ऋतब्रत बनर्जी ने इसी राजनीतिक समीकरण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से टीएमसी और वाम दल एक-दूसरे के राजनीतिक विरोधी रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच बातचीत को लेकर आगे क्या रुख सामने आता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
गठबंधन की दिशा पर बैठक के बाद तस्वीर होगी साफ
INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर की प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर एक साझा रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय की जरूरत पर जोर दिया है।
वहीं, ऋतब्रत बनर्जी का कहना है कि ममता बनर्जी की दिल्ली यात्रा और बैठक में उनकी भागीदारी के राजनीतिक मायने आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे। उन्होंने इसे लेकर कई सवाल उठाए हैं, हालांकि इन सवालों और आरोपों पर अंतिम स्थिति बैठक और संबंधित नेताओं के बयानों के बाद ही स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
INDIA ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक से पहले ममता बनर्जी की सक्रियता और विपक्षी दलों के बीच बढ़ते संपर्क ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। एक ओर टीएमसी, कांग्रेस और वाम दल निर्वाचन आयोग तथा SIR जैसे मुद्दों पर समन्वय की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऋतब्रत बनर्जी जैसे नेता इस राजनीतिक तालमेल पर सवाल उठा रहे हैं। अब 30 सितंबर की बैठक के बाद विपक्षी दलों के बीच तालमेल और आगे की रणनीति को लेकर तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होने की उम्मीद है।


