देहरादून | 27 सितंबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उत्तराखंड के सीमांत गांवों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने चमोली जिले के माणा और उत्तरकाशी जिले के बगोरी गांव का जिक्र करते हुए जनगणना में लोगों की भागीदारी और डिजिटल माध्यम से स्व-गणना जैसे प्रयासों को सामने रखा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 138वां संस्करण सुना। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम देशभर में किए जा रहे सकारात्मक कार्यों और उपलब्धियों को सामने लाने के साथ लोगों को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
माणा में 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत से शुरू हुई जनगणना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में चमोली जिले के माणा गांव का विशेष तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश के प्रथम गांव के रूप में पहचाने जाने वाले माणा में जनगणना की शुरुआत 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत से की गई।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में भी जनगणना का कार्य किया जा रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सीमांत इलाकों में जनगणना प्रक्रिया का आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है।
बगोरी के होमस्टे संचालक ने डिजिटल माध्यम से की स्व-गणना
‘मन की बात’ में उत्तरकाशी जिले के बगोरी गांव का भी जिक्र हुआ। यहां होमस्टे संचालक हरदेव सिंह राणा ने डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल करते हुए अपनी जानकारी स्वयं दर्ज की और स्व-गणना में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माणा और बगोरी जैसे सीमांत गांवों के उदाहरण राष्ट्रीय मंच पर आना उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। उनके अनुसार, इन उदाहरणों से सीमांत क्षेत्रों में हो रहे बदलाव, डिजिटल जागरूकता और स्थानीय लोगों की राष्ट्र निर्माण में भागीदारी सामने आती है।
सीएम धामी ने प्रदेशवासियों से की जनगणना में सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनगणना को प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व बताया है और देशवासियों से इसमें सक्रिय सहयोग का आह्वान किया है।
उन्होंने उत्तराखंड के लोगों से भी अपील की कि जनगणना के दौरान अपनी सही और आवश्यक जानकारी दर्ज कराएं तथा इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में पूरी जिम्मेदारी के साथ सहयोग करें।
सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर स्वच्छता तक कई मुद्दों का जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के दौरान वर्ष 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के दस वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के शौर्य और आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का स्मरण किया।
कार्यक्रम में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं को नशे से दूर रखने, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, पोषण, स्थानीय उत्पादों और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने इन क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
उत्तराखंड के लिए भी महत्वपूर्ण हैं ये अभियान : धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषय उत्तराखंड के लिए विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के संदेशों को अपनाने और इन अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में प्रदेश का हर नागरिक योगदान दे सकता है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ में उत्तराखंड के सीमांत गांव माणा और बगोरी का उल्लेख राज्य के लिए महत्वपूर्ण रहा। जनगणना में सीमांत क्षेत्रों की भागीदारी और डिजिटल स्व-गणना के उदाहरणों के जरिए इन इलाकों में बदलती परिस्थितियों और जागरूकता को सामने रखा गया। मुख्यमंत्री धामी ने भी प्रदेशवासियों से जनगणना में सही जानकारी उपलब्ध कराने और राष्ट्र निर्माण से जुड़े अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।


