दिनांक : 26 सितंबर 2026
स्थान : देहरादून, उत्तराखंड
उत्तराखंड में साल 2016 के UKSSSC भर्ती प्रकरण को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत से करीब छह घंटे तक पूछताछ की। ED के नोटिस के बाद हरीश रावत देहरादून स्थित कार्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों ने उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब किए।
पूछताछ के दौरान ED कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपना समर्थन जताया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी हरीश रावत के समर्थन में ED कार्यालय के बाहर पहुंचे।
छह घंटे बाद बाहर आए हरीश रावत, दिया चुटीला जवाब
करीब छह घंटे तक ED अधिकारियों के सवालों का सामना करने के बाद हरीश रावत जब कार्यालय से बाहर निकले तो पत्रकारों ने उनसे पूछताछ को लेकर सवाल किया।
इस पर हरीश रावत ने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि छह घंटे तक “बहुत प्यार भरी बातें हुईं।” उन्होंने कहा कि ED अधिकारियों ने उनसे जो सवाल पूछे, उनका उन्होंने जवाब दिया।
हालांकि, इसके साथ ही हरीश रावत ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रपंच बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में आगामी चुनावों को देखते हुए बीजेपी सरकार की ओर से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। रावत ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का जवाब वह और उनके साथी राजनीतिक तौर पर देंगे।
दो दिन पहले मिला था ED का नोटिस
हरीश रावत को ED की ओर से पूछताछ के लिए नोटिस करीब दो दिन पहले दिया गया था। नोटिस मिलने के बाद उन्होंने शनिवार को जांच एजेंसी के सामने पेश होने की बात कही थी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह 26 सितंबर को देहरादून स्थित ED कार्यालय पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए थे। पूछताछ के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता हरीश रावत के समर्थन में कार्यालय के बाहर मौजूद रहे।
गणेश गोदियाल ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हरीश रावत को ED के नोटिस और पूछताछ को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के पीछे राजनीतिक कारण हैं।
गोदियाल ने कहा कि जिस मामले में हरीश रावत को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, वह करीब 12 साल पुराना प्रकरण है। उनके अनुसार, जब हरीश रावत मुख्यमंत्री थे, तब इस मामले में सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई की गई थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतने पुराने मामले में अब ED की सक्रियता क्यों दिखाई जा रही है। गोदियाल ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और इसी वजह से राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई से दबाव में आने वाली नहीं है। हालांकि ये सभी राजनीतिक आरोप कांग्रेस नेताओं के हैं।
क्या है 2016 का UKSSSC भर्ती मामला?
पूरा मामला वर्ष 2016 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। इस भर्ती परीक्षा को लेकर धांधली के आरोप सामने आने के बाद मामले की जांच की गई थी।
इसी प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम में ED ने हाल ही में हरीश रावत के तत्कालीन OSD और निजी सहायक रहे चंदन सिंह जीना के आवास पर भी कार्रवाई की थी।
जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान चंदन सिंह जीना से जुड़े ठिकाने से बड़ी मात्रा में नकदी और करीब 1.23 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने की बात सामने आई थी।
ED की कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर कार्रवाई और उसके बाद हरीश रावत को पूछताछ के लिए बुलाए जाने से उत्तराखंड की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है, जबकि ED की पूछताछ का केंद्र 2016 के भर्ती प्रकरण से जुड़े तथ्यों और कथित वित्तीय पहलुओं पर है।
हरीश रावत ने पूछताछ के बाद अपने ऊपर लगे किसी भी आरोप को लेकर सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने जांच एजेंसी के अधिकारियों के सभी सवालों के जवाब दिए हैं।
निष्कर्ष
करीब छह घंटे चली पूछताछ के बाद हरीश रावत ED कार्यालय से बाहर आए और उन्होंने अपने खास अंदाज में जांच को लेकर प्रतिक्रिया दी। दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल 2016 के UKSSSC भर्ती प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है और ED की पूछताछ के बाद इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर बनी हुई है।


