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उत्तराखंड में 2027 चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस, पदाधिकारियों को जिलों और संगठनों का प्रभार; देखें किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी

दिनांक: 18 अक्टूबर 2026 | स्थान: देहरादून, उत्तराखंड

उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने संगठन को सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने प्रदेश पदाधिकारियों को जिलों, महानगरों, विधानसभा क्षेत्रों और विभिन्न विभागों व प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी सौंपकर चुनावी तैयारियों को गति देने का प्रयास किया है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर जारी इस संगठनात्मक व्यवस्था के तहत नेताओं को उनके अनुभव और कार्यक्षमता के अनुसार अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।

Office Note 18-10-2026

बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजीव महर्षि के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को व्यवस्थित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। पार्टी का लक्ष्य प्रदेशभर में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने नवनियुक्त प्रभारियों से अपेक्षा की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से सक्रिय रहें। उन्हें स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क बनाए रखने के साथ बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रभारियों को जन आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों, जनसंपर्क अभियानों और संगठनात्मक बैठकों के संचालन में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

List 18 October 2026

जिलों और महानगरों में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी

कांग्रेस ने प्रदेश के विभिन्न जिलों और शहरी क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी के लिए पदाधिकारियों को नियुक्त किया है। घोषित जिम्मेदारियों के अनुसार प्रमुख नाम इस प्रकार हैं।

जिला सह प्रभारी

पदाधिकारीजिम्मेदारी
धीरेंद्र प्रतापपौड़ी गढ़वाल
दर्शन लालहरिद्वार ग्रामीण
संजय जैनरुड़की ग्रामीण
संजय पालीवालपछवादून
सतीश नैनवालऊधम सिंह नगर
मधुरुद्रपुर सिटी
हेमंतअल्मोड़ा
राजेंद्र पालचंपावत

विधानसभा एवं क्षेत्रवार प्रभारी

प्रदेश महासचिवों को विभिन्न जिलों, शहरों और विधानसभा क्षेत्रों में संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पदाधिकारीआवंटित क्षेत्र
नीरज त्यागीपुरोला
अभिषेक सिंहउत्तरकाशी
वीरेंद्र पोखरियालटिहरी
राकेश राणादेवप्रयाग
दीप शर्मारुद्रप्रयाग
नवीन जोशीचमोली
राकेश लालकोटद्वार ग्रामीण
अनिल भास्करकोटद्वार शहर
नरेंद्र राणाहरिद्वार सिटी
राव शेर मोहम्मदरुड़की शहर
विजय गुनसोलादेहरादून सिटी
अरविंद प्रधानपरवादून
सुमित्तर भुल्लरकाशीपुर सिटी
शोभा बिष्टहल्द्वानी सिटी
गणेश उपाध्यायनैनीताल
संदीपरानीखेत
पुष्कर जैनबागेश्वर
संजयपिथौरागढ़
राजेंद्रडीडीहाट

इन प्रभारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित प्रवास कर संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करें। साथ ही, कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों को प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएं।

विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों की जिम्मेदारियां भी बांटी गईं

कांग्रेस ने केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि पार्टी के विभिन्न विभागों और अनुषांगिक संगठनों में भी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। इसका उद्देश्य अलग-अलग सामाजिक वर्गों, युवाओं, किसानों, महिलाओं और अन्य समूहों के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाना है।

पदाधिकारीविभाग या जिम्मेदारी
विजय सारस्वतमेनिफेस्टो
सूर्यकांत धस्मानाएनएसयूआई एवं युवा कांग्रेस
लालचंद शर्मासैनिक विभाग
मनोज रावतएसआईआर कमेटी के चेयरमैन
सीपी सिंहअनुसूचित जाति विभाग
अनुपम शर्माप्रोटोकॉल
सुजाता पॉलरचनात्मक कांग्रेस
इंदु मानकिसान कांग्रेस
सुखविंदर कौरराजीव गांधी पंचायत राज संगठन
हाजी सर्बरयार खानअल्पसंख्यक विभाग
प्रेममेनिफेस्टो एवं चार्जशीट कमेटी
संतोष चौहानमहिला कांग्रेस
संजय सैनीलीगल सेल
पूर्व विधायक हेमेशमहात्मा गांधी नरेगा सेल
पूर्व विधायक राजकुमारनगर निकाय सेल
राजीव महर्षिप्रचार एवं प्रकाशन

इसके अतिरिक्त प्रदेश कांग्रेस के 18 अन्य महासचिवों को भी अलग-अलग पोर्टफोलियो और संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

नियमित समीक्षा और कार्यकर्ताओं से संवाद पर रहेगा फोकस

नई व्यवस्था के तहत प्रभारियों को स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों का आकलन करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने और संगठन की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने पर ध्यान देना होगा।

अनुषांगिक संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में गतिविधियों को गति देंगे और समाज के विभिन्न वर्गों को कांग्रेस की विचारधारा एवं नीतियों से जोड़ने का प्रयास करेंगे।

प्रदेश नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पदाधिकारियों को अभी कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है, उन्हें आने वाले समय में कार्य आवंटित किया जाएगा।

क्या है गणेश गोदियाल का संदेश?

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सभी नवनियुक्त प्रभारियों से सौंपी गई जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने और संगठन को मजबूत बनाने में सक्रिय योगदान देने की अपेक्षा की है। उनका जोर पार्टी के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और चुनाव से पहले संगठनात्मक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने पर है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड कांग्रेस की यह नियुक्तियां 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को व्यवस्थित करने की रणनीति का हिस्सा हैं। जिलों और महानगरों से लेकर विभिन्न विभागों व प्रकोष्ठों तक जिम्मेदारियां बांटकर पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को गति देने का प्रयास किया है।

अब इन नियुक्तियों का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रभारी अपने क्षेत्रों में कितनी सक्रियता से काम करते हैं, कार्यकर्ताओं को कितना जोड़ पाते हैं और संगठन को बूथ स्तर पर कितना मजबूत बना पाते हैं।

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