स्थान: रानीखेत (अल्मोड़ा), उत्तराखंड | दिनांक: 6 मई 2026
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र से बुधवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। ग्राम देहोली (चौबटिया) में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिरते हुए सीधे एक मकान की छत पर जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन संख्या UK02-TA-3159 (वैगनआर) देहोली क्षेत्र से गुजर रहा था। सुबह करीब 3 बजे के आसपास चालक अचानक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके चलते कार सड़क से लगभग 15 से 20 मीटर नीचे जा गिरी। गिरते हुए वाहन स्थानीय निवासी लाल सिंह के मकान की छत पर जा टकराया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मकान की छत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के समय आसपास तेज आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए और मौके पर भीड़ जुट गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस हादसे में जान गंवाने वाले चालक की पहचान भुवन प्रसाद (32 वर्ष), पुत्र गोपाल राम, निवासी ग्राम मटेला काफलीगैर, जिला बागेश्वर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह कार में अकेले सवार थे और दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं मिला।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रानीखेत चिकित्सालय भेज दिया गया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और वे रानीखेत के लिए रवाना हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस तरह से कार मकान की छत पर गिरी, वह दृश्य बेहद भयावह था। हालांकि गनीमत यह रही कि हादसे के समय मकान के भीतर कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ, अन्यथा नुकसान और भी गंभीर हो सकता था।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में इस तरह के हादसे पहले भी सामने आते रहे हैं। संकरी सड़कों, तीखे मोड़ों और तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है, जिसे लेकर प्रशासन और आम लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष:
रानीखेत का यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सुरक्षित ड्राइविंग की जरूरत को उजागर करता है। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि वाहन चालक सतर्कता बरतें और प्रशासन भी सड़कों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।


