प्रकाशन तिथि: 12 जून 2026
स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड (पीओपी) इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रही है। शनिवार को आयोजित होने वाली इस भव्य सैन्य परेड में पहली बार नौ महिला कैडेट्स आईएमए से प्रशिक्षण पूरा कर सैन्य अधिकारी के रूप में भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगी। यह उपलब्धि न केवल आईएमए के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगी, बल्कि देश में महिला सशक्तिकरण और सैन्य क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी का भी प्रतीक बनेगी।
इस अवसर पर कुल 515 जेंटलमैन कैडेट्स और महिला कैडेट्स अंतिम पग (अंतिम कदम) पार कर भारतीय सेना और मित्र देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में शामिल होंगे। परेड की मुख्य अतिथि और सलामी लेने वाली हस्ती देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी, जो शुक्रवार को देहरादून पहुंच चुकी हैं।
पहली बार आईएमए से पासआउट होंगी नौ महिला सैन्य अफसर
आईएमए के 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड इस बार इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार यहां से प्रशिक्षित होकर नौ महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में शामिल होंगी। यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और समान अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
शनिवार सुबह ऐतिहासिक परेड मैदान पर कदमताल करते हुए ये कैडेट्स अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का संदेश देते हुए अंतिम पग पार करेंगे और सेना के गौरवशाली परिवार का हिस्सा बन जाएंगे।
515 कैडेट्स बनेंगे सेना का अभिन्न हिस्सा
इस बार की पासिंग आउट परेड में कुल 515 कैडेट्स हिस्सा लेंगे। इनमें 481 भारतीय कैडेट्स शामिल हैं, जिनमें नौ महिला कैडेट्स भी हैं। इसके अलावा 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स भी आईएमए से प्रशिक्षण पूरा कर अपने-अपने देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में शामिल होंगे।
आईएमए लंबे समय से न केवल भारतीय सेना बल्कि मित्र देशों के सैन्य अधिकारियों को भी उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करता रहा है। यही कारण है कि इसकी पहचान विश्व की प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थाओं में की जाती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया देहरादून का दौरा
देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को देहरादून पहुंचीं। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनका स्वागत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।
एयरपोर्ट से राष्ट्रपति सड़क मार्ग के जरिए राष्ट्रपति निकेतन पहुंचीं, जहां विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने उनसे शिष्टाचार भेंट की। शनिवार सुबह वह आईएमए पहुंचकर भव्य पासिंग आउट परेड की सलामी लेंगी और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को संबोधित भी करेंगी। कार्यक्रम के बाद वह देहरादून एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।
दूसरी महिला राष्ट्रपति जो लेंगी आईएमए परेड की सलामी
यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आईएमए की पासिंग आउट परेड की सलामी लेने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति बनेंगी। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने भी आईएमए की परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर सलामी ली थी।
महिला राष्ट्रपति की मौजूदगी और पहली बार महिला सैन्य अधिकारियों का आईएमए से पासआउट होना इस आयोजन को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बना रहा है।
ऐसा रहेगा पासिंग आउट परेड का कार्यक्रम
आईएमए प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार शनिवार सुबह भव्य समारोह निर्धारित समय पर शुरू होगा।
मुख्य कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार रहेगी:
- सुबह 6:40 बजे पासिंग आउट परेड कार्यक्रम का शुभारंभ।
- सुबह 7:30 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चैटवुड भवन पहुंचेंगी और उनके स्वागत के साथ मुख्य परेड कार्यक्रम आगे बढ़ेगा।
- परेड के समापन के बाद सुबह 9:30 बजे पारंपरिक पीपिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी, जिसमें नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उनके परिजन औपचारिक रूप से सम्मानित करेंगे।
राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और परंपरा का अद्भुत संगम है आईएमए की पीओपी
भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड केवल एक सैन्य समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, साहस और समर्पण का जीवंत प्रतीक मानी जाती है। ऐतिहासिक परेड मैदान पर जब कैडेट्स “अंतिम पग” पार करते हैं, तो वह क्षण उनके वर्षों के कठिन प्रशिक्षण, संघर्ष और देशसेवा के संकल्प का प्रतीक बन जाता है।
हर वर्ष इस भव्य आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, परिजन और देशभर से लोग देहरादून पहुंचते हैं।
निष्कर्ष
आईएमए की जून 2026 पासिंग आउट परेड भारतीय सैन्य इतिहास में एक नई मिसाल कायम करने जा रही है। पहली बार नौ महिला सैन्य अधिकारी इस प्रतिष्ठित अकादमी से पासआउट होकर भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगी, जबकि कुल 515 कैडेट्स अपने सैन्य जीवन की नई शुरुआत करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आयोजित होने वाला यह समारोह न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर होगा। भारतीय सेना की परंपरा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को आगे बढ़ाने वाले इन युवा अधिकारियों से देश को नई उम्मीदें और नई ऊर्जा मिलेगी।


