देहरादून | 29 जून 2026
उत्तराखंड की राजनीति में जुलाई का पहला सप्ताह ऐतिहासिक साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 4 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री पद पर लगातार पांच वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। इसके साथ ही वे राज्य के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी (एनडी तिवारी) के सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। इस अवसर को भाजपा संगठन और राज्य सरकार विशेष उपलब्धि के रूप में मनाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने इस प्रस्तावित जश्न पर सवाल उठाते हुए सरकार के कामकाज को लेकर तीखा हमला बोला है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले उन्हें राज्य की कमान सौंपी गई थी। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दोबारा सरकार बनाई और धामी लगातार मुख्यमंत्री पद पर बने रहे। अब 4 जुलाई 2026 को उनका मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा हो जाएगा।
उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद अब तक केवल स्वर्गीय एनडी तिवारी ही ऐसे मुख्यमंत्री रहे थे जिन्होंने अपना पांच वर्षीय कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने 2 मार्च 2002 से 7 मार्च 2007 तक लगातार मुख्यमंत्री रहते हुए कुल 1831 दिनों तक प्रदेश की बागडोर संभाली थी। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 29 जून 2026 तक लगभग 1821 दिनों का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और अगले कुछ दिनों में इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे।
भाजपा संगठन इस अवसर को ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देख रहा है। पार्टी प्रदेशभर में एक सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी में जुटी है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार मुख्यमंत्री धामी के पांच वर्ष पूरे होना राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसे लेकर जिलों से लेकर मंडल स्तर तक विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी।
भाजपा का मानना है कि उत्तराखंड में लंबे समय तक स्थिर नेतृत्व और निरंतर विकास कार्यों के चलते मुख्यमंत्री धामी ने राज्य को नई दिशा देने का प्रयास किया है। पार्टी इस पूरे सप्ताह सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान भी चला सकती है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे कार्यकाल को लेकर देशभर में संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, उसी तर्ज पर उत्तराखंड में भी मुख्यमंत्री धामी के पांच वर्ष पूरे होने पर विभिन्न आयोजनों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा जाएगा।
हालांकि भाजपा की तैयारियों पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि यदि भाजपा जश्न मनाना चाहती है तो उसे केवल पांच वर्ष नहीं बल्कि पूरे दस वर्षों के शासन का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध, पेपर लीक मामलों, अवैध खनन, शराब नीति, पलायन, भूमि संबंधी विवादों और अन्य जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर भी जनता को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि केवल रिकॉर्ड बनने का जश्न मनाने के बजाय सरकार को अपने पूरे कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड भी सार्वजनिक करना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री धामी का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होना उत्तराखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाएगा। राज्य गठन के बाद लगातार बदलते नेतृत्व के बीच पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने स्थिरता के साथ इतना लंबा कार्यकाल पूरा किया है। ऐसे में यह उपलब्धि आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनावी रणनीतियों पर भी प्रभाव डाल सकती है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्ष पूरे होने और एनडी तिवारी के सबसे लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल के रिकॉर्ड को पार करने की संभावना ने उत्तराखंड की राजनीति को नई चर्चा दे दी है। एक ओर भाजपा इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए प्रदेशभर में उत्सव मनाने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाकर इस जश्न की उपयोगिता पर बहस खड़ी कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की सियासत का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है।


