देहरादून | 29 जून 2026
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा स्थित कुल्हाल बॉर्डर पर पिछले तीन दिनों से बना तनाव अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। उत्तराखंड से लौटे चारों निहंग अपने साथियों के साथ धार्मिक रस्में पूरी करने के बाद पंजाब और हरियाणा के लिए रवाना हो गए। निहंग जत्थों के लौटने के बाद प्रशासन ने स्थिति सामान्य घोषित करते हुए सीमा पर तैनात अतिरिक्त पुलिस और अर्द्धसैनिक बल को वापस बुला लिया है। हालांकि चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को देखते हुए नियमित सुरक्षा व्यवस्था पूर्व की भांति जारी रहेगी।
कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में निहंगों से जुड़े घटनाक्रम के बाद बड़ी संख्या में पंजाब और हरियाणा से निहंग पांवटा साहिब पहुंचे थे। उनका मुख्य उद्देश्य अपने चार साथियों की रिहाई की मांग करना था। इस दौरान उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासन द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और बातचीत के बाद रविवार तड़के लगभग पांच बजे चारों निहंग कुल्हाल बॉर्डर से होकर पांवटा साहिब गुरुद्वारा पहुंचे। यहां उन्होंने संगत के साथ अरदास और धार्मिक अनुष्ठान किए। इसके बाद सुबह करीब छह बजे सभी निहंग जत्थे शांतिपूर्वक अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
निहंग जत्थों के वापस लौटने के साथ ही कुल्हाल बॉर्डर पर स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई। प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती हटा दी है, जबकि चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा के मद्देनजर नियमित सुरक्षा व्यवस्था को यथावत रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे।
एसपी देहात पंकज गैरोला ने बताया कि सभी निहंग शांतिपूर्वक लौट चुके हैं और वर्तमान में सीमा क्षेत्र में किसी प्रकार का तनाव नहीं है। उन्होंने कहा कि चारधाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही है। साथ ही यात्रियों और पर्यटकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।
इसी बीच सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को कथित रूप से आहत करने वाले बयानों के मामले में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता आशीष नेगी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। चूंकि आरोपित बयान उत्तराखंड से जुड़े बताए गए हैं, इसलिए आगे की जांच के लिए यह मामला देहरादून के संबंधित पुलिस थाने को स्थानांतरित किया गया है।
पांवटा साहिब के सूरजपुर निवासी परमजीत सिंह बंगा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आशीष नेगी ने सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर ऐसे कथित बयान दिए, जिनसे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन बयानों में हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) और सिख समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे समाज में तनाव का वातावरण उत्पन्न हो सकता है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु पांवटा साहिब से उत्तराखंड होकर हेमकुंड साहिब की यात्रा करते हैं। ऐसे कथित बयानों से श्रद्धालुओं के बीच भय और असुरक्षा की भावना पैदा होने की आशंका जताई गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने जीरो एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि चूंकि मामला उत्तराखंड क्षेत्र से संबंधित है, इसलिए आगे की विवेचना और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए एफआईआर को देहरादून पुलिस के पास भेज दिया गया है। अब मामले की जांच उत्तराखंड पुलिस द्वारा नियमानुसार की जाएगी।
निष्कर्ष
कुल्हाल बॉर्डर पर पिछले तीन दिनों से चला आ रहा तनाव निहंग जत्थों के शांतिपूर्ण लौटने के बाद समाप्त हो गया है और चारधाम तथा हेमकुंड साहिब यात्रा भी सामान्य रूप से जारी है। वहीं दूसरी ओर, कथित विवादित बयानों को लेकर दर्ज जीरो एफआईआर ने इस मामले को नया कानूनी आयाम दे दिया है। अब पूरे प्रकरण में आगे की कार्रवाई जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।


