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उत्तराखंड में रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिली नई रफ्तार, बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड गिरावट, प्रति व्यक्ति आय 41 प्रतिशत बढ़ी

देहरादून | 20 जून 2026


उत्तराखंड में रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही राज्य में निवेश और रोजगार के अवसरों में भी लगातार विस्तार हो रहा है।


मुख्यमंत्री आवास में आयोजित प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और परिश्रम ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में प्रत्येक युवा को सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और उत्तराखंड में अब तक 3.56 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इनमें से करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है, जिससे रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति मिली है।


धामी ने कहा कि सरकार का फोकस केवल निवेश लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस निवेश को रोजगार और स्थानीय विकास से जोड़ने पर भी है। निवेश परियोजनाओं के शुरू होने से युवाओं को अपने राज्य में ही रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे पलायन की समस्या पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं ने युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। इन पहलों के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।


उन्होंने बताया कि राज्य में नई स्टार्टअप नीति लागू कर नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वे रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन सकें।


स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार को मिल रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। सरकार की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के माध्यम से हजारों युवाओं को लाभ मिल रहा है।


उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।


राज्य की अर्थव्यवस्था में दर्ज हुई उल्लेखनीय वृद्धि

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।


इसके साथ ही प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती का संकेत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिवर्स पलायन के क्षेत्र में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और लोग रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों के कारण वापस अपने गांवों और कस्बों की ओर लौट रहे हैं।


राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की बढ़ी प्रतिष्ठा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) रैंकिंग में उत्तराखंड को देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।


इसके अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को “एचीवर्स” श्रेणी तथा स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” श्रेणी में स्थान मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धियां राज्य में बेहतर प्रशासन, निवेश अनुकूल वातावरण और विकासोन्मुख नीतियों का परिणाम हैं।


प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से हजारों लाभार्थियों को फायदा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत उत्तराखंड में लगभग छह हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को लाभ मिला है। इस योजना के माध्यम से राज्य में 24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थियों को वितरित की गई है।


राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना से 15 लाख से अधिक युवाओं को लाभ मिला है और लगभग 2400 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योजना से लाभान्वित युवाओं और नियोक्ताओं को सम्मानित भी किया।


निष्कर्ष

उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में कमी, निवेश में वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी राज्य की आर्थिक प्रगति की सकारात्मक तस्वीर पेश करती है। सरकार का दावा है कि रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप और स्वरोजगार आधारित योजनाओं के जरिए युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं। यदि निवेश परियोजनाएं इसी गति से धरातल पर उतरती रहीं तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।

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