स्थान: देहरादून/बागेश्वर | तिथि: 21 अप्रैल 2026
भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले उत्तराखंड में बीते तीन दिनों के भीतर लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इस अवधि में कुल 6 बार धरती कांपी है, जिसमें सबसे अधिक घटनाएं बागेश्वर जिले में दर्ज की गई हैं।
आज फिर डोली धरती
मंगलवार, 21 अप्रैल को एक बार फिर बागेश्वर में भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, सुबह 10 बजकर 6 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 2.6 मैग्नीट्यूड रही। झटके बेहद हल्के होने के कारण लोगों को इसका एहसास नहीं हुआ और किसी प्रकार के नुकसान की भी सूचना नहीं है।
तीन दिनों में 6 बार भूकंप
राज्य में भूकंप की गतिविधियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं।
- 21 अप्रैल: बागेश्वर में एक बार भूकंप
- 20 अप्रैल: बागेश्वर और पौड़ी गढ़वाल में झटके
- 19 अप्रैल: बागेश्वर में तीन बार भूकंप
लगातार आ रहे इन झटकों ने वैज्ञानिकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, हालांकि सभी भूकंपों की तीव्रता कम रही है।
जोन-6 में शामिल हुआ पूरा उत्तराखंड
भूकंप के खतरे को देखते हुए वर्ष 2025 में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा जारी नए सिस्मिक मैप में पूरे उत्तराखंड को जोन-6 में रखा गया है। इससे पहले राज्य को जोन-4 और जोन-5 में वर्गीकृत किया गया था।
नए वर्गीकरण के बाद राज्य सरकार ने बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी किया गया है।
हिमालयी क्षेत्र में बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, पूरी हिमालयी पट्टी—अरुणाचल प्रदेश से लेकर जम्मू-कश्मीर तक—को उच्च भूकंपीय जोन (VI) में रखा गया है। इसका अर्थ है कि इस क्षेत्र में भविष्य में बड़े और विनाशकारी भूकंप आने की संभावना बनी हुई है।
निष्कर्ष
हालांकि हाल के सभी भूकंप कम तीव्रता के रहे हैं और किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ रही भूकंपीय गतिविधियां भविष्य के लिए चेतावनी हैं। ऐसे में सरकार और लोगों दोनों को सतर्क रहने के साथ-साथ मजबूत निर्माण मानकों और आपदा तैयारियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।


