स्थान: देहरादून | तिथि: 21 अप्रैल 2026
देहरादून में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संविधान के साथ खिलवाड़ कर रही है।
महिला आरक्षण कानून पर सरकार घिरी
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जानबूझकर परिसीमन और पुरानी जनगणना से जोड़ दिया गया है, जिससे इसके लागू होने में अनावश्यक देरी हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कानून में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं के लिए कोई अलग प्रावधान नहीं किया गया है।
“महिलाओं के नाम पर राजनीति” का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है, लेकिन महिलाओं के नाम पर देश को बांटने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कदम केवल महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए देश के नक्शे और व्यवस्था को बदलने की कोशिश है।
महिलाओं की सुरक्षा पर भी उठाए सवाल
सुप्रिया श्रीनेत ने कई चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा सामने आता है, तब प्रधानमंत्री चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने उन्नाव, हाथरस और उत्तराखंड के चर्चित मामलों का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस का स्पष्ट रुख
कांग्रेस की ओर से स्पष्ट किया गया कि पार्टी चाहती है कि लोकसभा की 543 सीटों में से एक-तिहाई यानी 181 सीटों पर तुरंत महिलाओं को आरक्षण दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं संसद तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि यदि सरकार आज भी इसे लागू करती है, तो कांग्रेस पूरा समर्थन देने को तैयार है।
निष्कर्ष
देहरादून में दिए गए इस बयान से स्पष्ट है कि महिला आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक रूप से फिर गरमा गया है। जहां एक ओर केंद्र सरकार इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लागू करने में देरी और राजनीतिक मंशा पर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक चर्चा का केंद्र बन सकता है।


