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उत्तराखंड में SIR अभियान तेज: बीएलओ न पहुंचे तो भी घर बैठे भरें गणना प्रपत्र, चुनाव आयोग ने दिए दो आसान विकल्प

तारीख: 13 जून 2026
स्थान: देहरादून, उत्तराखंड

देहरादून: उत्तराखंड में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने का कार्य तेजी से जारी है। आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था की है कि यदि किसी कारणवश बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर तक नहीं पहुंच पाते हैं, तब भी नागरिक बिना किसी परेशानी के अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे ही गणना प्रपत्र (Enumeration Form) भर सकते हैं।

चुनाव आयोग की ओर से यह कदम मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके लिए आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करा दी है।

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वेबसाइट पर उपलब्ध हैं दो विकल्प

चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पहला विकल्प ईसीआई नेट (ECI Net) मोबाइल एप का है, जिसके डाउनलोड के लिए वेबसाइट के होमपेज पर क्यूआर कोड भी उपलब्ध कराए गए हैं। इन क्यूआर कोड को स्कैन कर मतदाता आसानी से एप डाउनलोड कर सकते हैं और अपने मोबाइल से ही गणना प्रपत्र भर सकते हैं।

दूसरा विकल्प वेबसाइट पर उपलब्ध SIR लिंक का है। इस सेक्शन में दो अलग-अलग लिंक दिए गए हैं। पहला लिंक “Fill Enumeration Form” का है, जिसके माध्यम से मतदाता अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन भर सकते हैं। वहीं दूसरा लिंक वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना नाम खोजने के लिए उपलब्ध कराया गया है।

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इस तरह भर सकते हैं ऑनलाइन गणना प्रपत्र

ऑनलाइन गणना प्रपत्र भरने के लिए मतदाता को वेबसाइट पर जाकर Fill Enumeration Form लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर या वोटर आईडी (EPIC) नंबर दर्ज करना होगा। जानकारी सत्यापित होने के बाद संबंधित मतदाता का विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगा।

इसके बाद फॉर्म भरने के लिंक पर क्लिक कर आवश्यक जानकारियां दर्ज करनी होंगी और निर्धारित स्थान पर अपना एक हालिया फोटो अपलोड करना होगा। सभी विवरण सही ढंग से भरने के बाद फॉर्म को ऑनलाइन सबमिट किया जा सकता है।

विशेष बात यह है कि फॉर्म जमा करने के बाद मतदाता अपने आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं और यह देख सकते हैं कि उनका गणना प्रपत्र सत्यापन और प्रक्रिया के किस चरण में पहुंचा है।

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प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र वितरित

राज्य निर्वाचन तंत्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड में अब तक 50 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। हालांकि, विभिन्न जिलों में प्रपत्र वितरण की गति अलग-अलग है। कई जिलों में संतोषजनक प्रगति दर्ज की गई है, जबकि कुछ जिलों में वितरण कार्य अपेक्षाकृत धीमा बना हुआ है।

सबसे बेहतर प्रदर्शन पिथौरागढ़ जिले का रहा है, जहां अब तक 81.52 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा चंपावत में 72.75 प्रतिशत और टिहरी में 67.65 प्रतिशत प्रपत्र वितरित हुए हैं।

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देहरादून का प्रदर्शन सबसे कमजोर

गणना प्रपत्र वितरण के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजधानी देहरादून इस मामले में सबसे पीछे दिखाई दे रही है। यहां अब तक केवल 39.18 प्रतिशत प्रपत्र ही मतदाताओं तक पहुंच पाए हैं, जो प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में सबसे कम है।

जिलावार प्रपत्र वितरण का प्रतिशत इस प्रकार है—

  • हरिद्वार – 51.97%
  • नैनीताल – 49.85%
  • अल्मोड़ा – 59.81%
  • ऊधम सिंह नगर – 44.69%
  • पिथौरागढ़ – 81.52%
  • बागेश्वर – 50.95%
  • चंपावत – 72.75%
  • चमोली – 43.97%
  • उत्तरकाशी – 58.49%
  • रुद्रप्रयाग – 47.07%
  • टिहरी गढ़वाल – 67.65%
  • पौड़ी गढ़वाल – 56.57%
  • देहरादून – 39.18%

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निष्कर्ष

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत चुनाव आयोग ने मतदाताओं को डिजिटल माध्यम से घर बैठे गणना प्रपत्र भरने की सुविधा देकर प्रक्रिया को अधिक सुगम बना दिया है। ऐसे में यदि किसी मतदाता तक बीएलओ नहीं पहुंच पाता है, तब भी वह ऑनलाइन माध्यम से अपना प्रपत्र भरकर मतदाता सूची में अपनी जानकारी अद्यतन करा सकता है। आयोग ने नागरिकों से समय रहते प्रक्रिया पूरी करने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।

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