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उत्तराखंड सरकार की नई पहल: गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने पर आशा कार्यकर्ताओं को मिलेंगे 2000 रुपये

चारधाम यात्रा मार्ग पर मजबूत होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क हादसों के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में मिलेगा गोल्डन आवर उपचार

देहरादून | 5 जून 2026

उत्तराखंड सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने घोषणा की है कि आपातकालीन परिस्थितियों में गर्भवती महिलाओं को अपने खर्चे पर अस्पताल पहुंचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को 2000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गर्भवती महिला समय पर चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे और संस्थागत प्रसव को शत-प्रतिशत बढ़ावा दिया जा सके।


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर में नवनिर्मित चिकित्सालय भवन के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जनस्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यापक, सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर गर्भवती महिला को निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण संस्थागत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लाई जा सके।


स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कई बार दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे आशा कार्यकर्ताओं को भी प्रेरणा मिलेगी और जरूरतमंद महिलाओं को समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त हो सकेगी।


चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार गंभीर नजर आ रही है। सुबोध उनियाल ने कहा कि यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं ताकि दुर्घटना के बाद “गोल्डन आवर” के भीतर घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके।


उन्होंने बताया कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर चिकित्सा टीमों, एंबुलेंस सेवाओं और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल सके और गंभीर मामलों में होने वाली जनहानि को कम किया जा सके।


कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाइयां लिखने से बचना चाहिए और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों से अपेक्षा की कि गंभीर परिस्थितियों को छोड़कर मरीजों को रेफर करने की प्रवृत्ति कम की जाए और अधिक से अधिक उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराया जाए।


प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए भी सरकार प्रयासरत है। मंत्री ने कहा कि विभिन्न चिकित्सालयों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है ताकि लोगों को अपने जिले या क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।


स्थानांतरण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारी स्थानांतरण के लिए विभिन्न प्रकार के कारण प्रस्तुत करते हैं। यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य कारणों से अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम नहीं है, तो केवल स्थानांतरण समाधान नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को अपनी कार्यक्षमता पर विचार करना होगा।


दून मेडिकल कॉलेज से जुड़े मामलों पर उन्होंने कहा कि वहां जांच प्रक्रिया जारी है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि कुछ अधिकारियों के स्थानांतरण से जुड़े निर्णयों पर भी जल्द स्थिति स्पष्ट की जाएगी।


निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार की नई पहल मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि देने, चारधाम यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सुविधाएं सुदृढ़ करने, दुर्घटना प्रभावित क्षेत्रों में गोल्डन आवर उपचार सुनिश्चित करने और अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने जैसे निर्णय स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकते हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं का प्रभाव प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों पर देखने को मिल सकता है।

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