ऋषिकेश/नैनीताल, उत्तराखंड | 4 जुलाई 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश के बापू ग्राम समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षों से लंबित वन भूमि विवादों को लेकर बड़ा संकेत दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे सभी मामलों के स्थायी समाधान के लिए एक एकीकृत (इंटीग्रेटेड) योजना तैयार कर रही है, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिल सकेगी। इस योजना को अंतिम रूप देकर केंद्र सरकार के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
बापू ग्राम सहित कई क्षेत्रों की समस्या का होगा एक साथ समाधान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने पांच वर्षीय कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के तहत ऋषिकेश पहुंचे, जहां आईडीपीएल परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में वन भूमि और विस्थापन से जुड़ी समस्याएं वर्षों से लंबित हैं। सरकार इन सभी मामलों का अलग-अलग नहीं बल्कि एक साझा नीति के तहत समाधान निकालने की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस व्यापक योजना का उद्देश्य केवल कानूनी विवादों का समाधान करना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को स्थायी राहत और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने उठाया बापू ग्राम का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बापू ग्राम की समस्याओं को गंभीरता से उनके समक्ष रखा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बापू ग्राम की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ क्षेत्र की अन्य विकास योजनाओं को भी सरकार प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय नागरिकों की वर्षों पुरानी मांगों को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
बिंदुखत्ता, बग्गा-54 और रामनगर क्षेत्र भी योजना में शामिल
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि केवल ऋषिकेश का बापू ग्राम ही नहीं, बल्कि नैनीताल जिले का बिंदुखत्ता, बग्गा-54, रामनगर के आसपास के गांव तथा अन्य वन भूमि प्रभावित क्षेत्रों की परिस्थितियां भी लगभग समान हैं। इन सभी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान एक ही नीति के माध्यम से करने की तैयारी चल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा प्रस्ताव तैयार कर रही है जिसे केंद्र सरकार से आसानी से स्वीकृति मिल सके और लंबे समय से अनिश्चितता का सामना कर रहे परिवारों को कानूनी अधिकार एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
भूमि स्वामित्व और मूलभूत सुविधाओं का रास्ता होगा साफ
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन भूमि से जुड़े मामलों में कानूनी और तकनीकी जटिलताएं लंबे समय से विकास कार्यों में बाधा बनी हुई हैं। इसी कारण राज्य सरकार एक व्यापक और व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार कर रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद हजारों परिवारों को भूमि स्वामित्व से संबंधित राहत मिलने के साथ-साथ सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
भीमताल में भी जनता और कार्यकर्ताओं का जताया आभार
ऋषिकेश कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नैनीताल जिले के भीमताल पहुंचे, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में लाकर प्रदेशवासियों ने वर्षों से चली आ रही राजनीतिक परंपरा को बदल दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता का विश्वास सरकार के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन, विश्वास और सहयोग से उत्तराखंड ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है।
निष्कर्ष
वन भूमि विवादों से प्रभावित बापू ग्राम, बिंदुखत्ता, बग्गा-54, रामनगर और अन्य क्षेत्रों के हजारों परिवारों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह बयान बड़ी उम्मीद लेकर आया है। यदि प्रस्तावित एकीकृत योजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलती है तो वर्षों से लंबित भूमि विवादों का समाधान होने के साथ प्रभावित लोगों को भूमि अधिकार और बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। अब प्रदेश की नजर राज्य सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे इस व्यापक प्रस्ताव और उसके क्रियान्वयन पर टिकी हुई है।


