देहरादून, उत्तराखंड | 4 जुलाई 2026
राजधानी देहरादून स्थित उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चोरी और तोड़फोड़ की गंभीर घटना सामने आने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग के महिला शौचालय में असामाजिक तत्वों ने जमकर तोड़फोड़ की और वॉश बेसिन पर लगे नलों की टोंटियां तथा शीशे उखाड़कर ले गए। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए पुलिस को शिकायत देने और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है।
नई ओपीडी बिल्डिंग के महिला शौचालय को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार घटना दून अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग के बी-ब्लॉक की दूसरी मंजिल स्थित महिला शौचालय में हुई। देर रात या तड़के अज्ञात लोगों ने शौचालय के भीतर प्रवेश कर कई वॉश बेसिन क्षतिग्रस्त कर दिए। इसके अलावा बेसिनों पर लगी नलों की टोंटियां और दीवारों पर लगे शीशे भी उखाड़कर ले गए।
हैरानी की बात यह रही कि कई घंटे तक यह सब होता रहा, लेकिन अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सुबह कर्मचारियों के पहुंचने पर हुआ घटना का खुलासा
घटना का पता उस समय चला जब सुबह अस्पताल के कर्मचारी नियमित कार्य के लिए ओपीडी पहुंचे। महिला शौचालय की स्थिति देखकर कर्मचारी भी हैरान रह गए। कई वॉश बेसिन टूटे पड़े थे और शौचालय में तोड़फोड़ के स्पष्ट निशान दिखाई दे रहे थे।
इसके बाद अस्पताल प्रशासन को तत्काल सूचना दी गई, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस और अस्पताल प्रशासन
दून अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट (डिप्टी एमएस) डॉ. वरुण मित्तल ने बताया कि मामले की शिकायत पुलिस को दी जा रही है। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है और अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों पर संदेह
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि घटना के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ हो सकता है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि तोड़फोड़ करने वाले अस्पताल में इलाज के लिए आए लोग थे या फिर नशे की हालत में परिसर में घुसे बाहरी व्यक्ति।
प्रशासन के अनुसार शौचालय में केवल तोड़फोड़ ही नहीं की गई, बल्कि सरकारी संपत्ति की चोरी भी की गई है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
सुरक्षा कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। यह जांच की जा रही है कि सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी के दौरान इतनी बड़ी घटना कैसे हुई और किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।
प्रबंधन ने सुरक्षा एजेंसी से भी जवाब मांगा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
24 घंटे निगरानी के निर्देश, संदिग्धों पर रहेगी नजर
घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया गया है। सभी सुरक्षा कर्मियों को चौबीसों घंटे सक्रिय निगरानी रखने और अस्पताल में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन ने लोगों से भी सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
दून अस्पताल परिसर के आसपास लंबे समय से नशे के आदी और असामाजिक तत्वों की आवाजाही की शिकायतें मिलती रही हैं। अस्पताल में प्रतिदिन राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं, जिसके कारण भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना रहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी स्वास्थ्य संस्था में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक तकनीकी एवं मानवीय संसाधनों से मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला शौचालय में हुई चोरी और तोड़फोड़ की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने पुलिस जांच, सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस वारदात के पीछे कौन लोग थे और अस्पताल की सुरक्षा में आखिर किस स्तर पर चूक हुई। साथ ही उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।


