सड़क पर नग्न कर पीटने, गाड़ी तोड़ने और जानलेवा हमले के मामले में कई आरोपी अब भी फरार
ऋषिकेश/देहरादून | 22 मई 2026
ऋषिकेश में हरियाणा से घूमने आए पर्यटकों के साथ हुई शर्मनाक मारपीट और अभद्रता के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि भीड़ ने पर्यटकों को सड़क पर नग्न कर बेरहमी से पीटा, उनकी कार में तोड़फोड़ की और जान से मारने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।
पुलिस के मुताबिक, हरियाणा के कैथल निवासी सतवीर सिंह अपने दोस्तों सोनू, सतीश कुमार, प्रदीप कुमार और विक्रम सिंह के साथ 20 मई को कार से ऋषिकेश घूमने आए थे। जब उनकी कार आईडीपीएल क्षेत्र के पास काले की ढाल इलाके में पहुंची, तभी स्कूटी सवार एक महिला ने उनकी गाड़ी रुकवाई। महिला के साथ उसकी बेटी भी मौजूद थी।
बताया जा रहा है कि महिला की बेटी ने कार सवार युवकों पर इशारा करने और टिप्पणी करने का आरोप लगाया, जिसके बाद महिला और पर्यटकों के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और मामला हिंसक हो उठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने पर्यटकों को कार से बाहर निकाल लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि कुछ लोगों ने युवकों के कपड़े तक उतरवा दिए और सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान उनकी कार को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
घटना में घायल हुए सतवीर सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने भरत विहार ट्रक यूनियन पार्किंग क्षेत्र में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अशोक थापा और नरेश कश्यप निवासी गली नंबर-2, काले की ढाल, ऋषिकेश के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
एसपी जया बलूनी ने बताया कि पूछताछ में महिला ने भी स्वीकार किया कि उसकी बेटी ने कार सवार युवकों पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसने गाड़ी रुकवाई और बातचीत शुरू हुई। इसी दौरान भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए मारपीट शुरू कर दी।
उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी को छेड़छाड़ या अभद्रता की आशंका थी तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए थी। किसी भी स्थिति में भीड़ द्वारा हिंसा करना कानूनन अपराध है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के दौरान कुछ स्थानीय लोगों और महिला ने भी पर्यटकों को बचाने की कोशिश की थी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बाकी आरोपियों की पहचान कर रही है।
कालाढूंगी में 25 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार
उधर नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुकुल जैन पुत्र रमेश चंद्र जैन निवासी गंगोत्री विहार, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के रूप में हुई है। आरोपी पर मारपीट के दौरान वैभव कुमार नामक युवक को गंभीर रूप से घायल करने का आरोप था। घायल वैभव का दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस टीम लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
आखिरकार मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हल्द्वानी के देवलचौड़ रोड स्थित रामजी विहार गेट नंबर-4 के सामने से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
निष्कर्ष
ऋषिकेश की घटना ने एक बार फिर भीड़तंत्र और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामूली विवाद के बाद पर्यटकों के साथ जिस तरह की हिंसा हुई, उसने पर्यटन नगरी की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है। पुलिस अब बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है और अधिकारियों ने साफ संदेश दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


