दिनांक: 23 अगस्त 2026
स्थान: श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल
पौड़ी गढ़वाल में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत श्रीनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक इको एंबुलेंस से 90 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई है। मामले में एंबुलेंस चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
संदिग्ध एंबुलेंस को रोककर की गई तलाशी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, परिवहन और वितरण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी श्रीनगर तपेश कुमार के पर्यवेक्षण और कोतवाली श्रीनगर के प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह के नेतृत्व में 23 अगस्त की सुबह पुलिस टीम सघन वाहन चेकिंग कर रही थी।
चेकिंग के दौरान आवास विकास ग्राउंड, श्रीनगर के पास पुलिस ने इको एंबुलेंस संख्या UK14-PA-0539 को रोककर जांच की। वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस टीम ने एंबुलेंस की गहन तलाशी ली।
नौ कट्टों में छिपाकर रखा था 90 किलो गांजा
तलाशी के दौरान एंबुलेंस के भीतर नौ कट्टों में छिपाकर रखा गया कुल 90 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से एंबुलेंस चालक रविन्द्र सिंह बिष्ट को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की उम्र 45 वर्ष है। वह स्वर्गीय कृपाल सिंह का पुत्र है और मूल रूप से चौरास, थाना कीर्तिनगर, जनपद टिहरी गढ़वाल का निवासी बताया गया है। वर्तमान में वह श्रीनगर में रहकर एंबुलेंस का संचालन कर रहा था।
रुद्रप्रयाग से गांजा लाकर श्रीनगर में बेचने की थी योजना
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह श्रीकोट क्षेत्र में एंबुलेंस का संचालन करता है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने एक अन्य सहयोगी के साथ रुद्रप्रयाग क्षेत्र से गांजे के कट्टे लेकर श्रीनगर पहुंच रहा था।
पूछताछ में सामने आया कि गांजा रुद्रप्रयाग क्षेत्र से कम कीमत पर खरीदकर श्रीनगर में अधिक कीमत पर बेचने की योजना थी। आरोपी के अनुसार इस अवैध कारोबार के जरिए आर्थिक लाभ कमाया जाता था।
पहले भी नशा तस्करी से जुड़ चुका है आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पूर्व में मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित मामले में संलिप्त रहा है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
पुलिस का फोकस केवल बरामद गांजे तक सीमित नहीं है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजे की आपूर्ति कहां से हुई, इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसे श्रीनगर में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस ने बरामद गांजे और एंबुलेंस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके संभावित सहयोगियों और मादक पदार्थों की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का मानना है कि एंबुलेंस जैसे वाहन का इस्तेमाल मादक पदार्थों के परिवहन के लिए किया जाना गंभीर मामला है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
निष्कर्ष
श्रीनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने नशा तस्करी के एक बड़े प्रयास को समय रहते रोक दिया। 90 किलो गांजे की बरामदगी और करीब 45 लाख रुपये की अनुमानित कीमत वाली इस खेप के पकड़े जाने के बाद अब पुलिस की जांच का अगला लक्ष्य इसके पीछे सक्रिय पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचना है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


