BREAKING

रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले बनें युवा: सीएम धामी, उद्यमशाला चौपाल-2026 से आत्मनिर्भर उत्तराखंड का संदेश

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 21 अगस्त 2026

उद्यमिता को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर

उत्तराखंड के युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत चौपाल-2026 का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड तैयार करना है जहां प्रदेश का युवा अपने हुनर और क्षमता के बल पर खुद का व्यवसाय खड़ा करे और दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करे।

13 हजार से अधिक उद्यमियों को मिला योजना का लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग दिया जा चुका है। इसके साथ ही आठ हजार से अधिक महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यमिता एवं आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने तथा उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जोड़ने में मदद दी जा रही है।

आईटी पार्क में खुलेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के दौरान देहरादून के आईटी पार्क स्थित 13 गांव में प्रदेश के सभी जिलों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोलने की घोषणा की।

इस केंद्र के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पादों को एक बड़ा बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार उत्पादों को बेहतर बाजार मिले और इनसे जुड़े किसानों, महिलाओं तथा उद्यमियों की आमदनी बढ़े।

गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के गांव अब केवल प्रदेश के विकास में सहभागी नहीं हैं, बल्कि अपनी मेहनत और क्षमता से आत्मनिर्भर उत्तराखंड की नींव भी मजबूत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में आगे बढ़ने का उत्साह है और मातृशक्ति के पास हुनर के साथ कुछ नया करने का जज्बा भी है। इसी तरह उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों में देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचने की क्षमता मौजूद है। जरूरत केवल स्थानीय हुनर को सही दिशा, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने की है।

5 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाएं SHG से जुड़ीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश में पांच लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। इनमें से तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल हुई हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं पहाड़ी मसालों, मंडुवा, झंगोरा, दालों, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पादों और स्थानीय कला को व्यवसाय का रूप देकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से स्थानीय उत्पादों को पहचान

सरकार की ओर से गांवों के उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज नाम से अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को एक मजबूत पहचान देना और उन्हें देश के बड़े शहरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल और आत्मनिर्भर भारत के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इन्हें धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम कर रही है।

किसान और उद्यमी को बेहतर बाजार देने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत कर रही है। इसका उद्देश्य किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति उत्तराखंड का उत्पाद खरीदे तो उसे केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि उसके पीछे पहाड़ की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू भी महसूस होनी चाहिए।

पलायन रोकने में ग्रामीण उद्यमिता अहम

मुख्यमंत्री धामी ने ग्रामीण उद्यमिता को पलायन रोकने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए अपने गांव और पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न हो।

इसी दिशा में ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से गांवों के अति-निर्धन परिवारों को आजीविका से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव मजबूत होंगे तो उत्तराखंड भी मजबूत होगा।

सभी 13 जिलों में लगेंगी उद्यमशाला चौपाल

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 13 जिलों में मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल आयोजित की जा रही हैं। इन चौपालों का उद्देश्य ग्रामीणों और युवाओं तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करना है।

योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रचार वैन भी भेजी जा रही हैं। इसके माध्यम से लोगों को उद्यमिता, स्वरोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

लखपति दीदी और महिला उद्यमियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तैयार पुस्तक और वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया गया।

कार्यक्रम में एकीकृत कृषि क्लस्टर आधारभूत प्रशिक्षण एवं मॉड्यूल, शिशु एवं लघु बाल आहार मॉड्यूल तथा महिलाओं एवं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम और प्रबंधन से संबंधित मॉड्यूल का भी लोकार्पण किया गया।

कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल-2026 के जरिए उत्तराखंड सरकार ने युवाओं और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से आगे बढ़कर उद्यमिता की दिशा में ले जाने का संदेश दिया है। 13 हजार से अधिक उद्यमियों को योजना का लाभ मिलने और आठ हजार से अधिक महिलाओं को उद्यमिता एवं आजीविका से जोड़ने के दावे के बीच सरकार अब स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। राज्य स्तरीय विपणन केंद्र, हाउस ऑफ हिमालयाज और ग्रामीण उद्यमिता जैसी पहलें यदि प्रभावी ढंग से जमीन पर उतरती हैं तो गांवों में रोजगार बढ़ाने और पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *