स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 20 अगस्त 2026
उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं को जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा अभियान तैयार किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार इस बार खेल महाकुंभ को पहले से बड़े स्तर पर आयोजित करने जा रही है। इसके जरिए प्रदेशभर में 2 लाख से अधिक युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार की योजना खेल महाकुंभ को केवल प्रतियोगिता तक सीमित रखने के बजाय गांव से लेकर जिला स्तर तक युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की है। इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने पंजीकरण से लेकर आयोजन तक की तैयारियां तेज कर दी हैं।
1 सितंबर से शुरू होगा खेल महाकुंभ
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की निदेशक दीप्ति सिंह के अनुसार आयोजन को लेकर विभागीय तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक सितंबर को टनकपुर से खेल महाकुंभ का शुभारंभ करेंगे।
इसके बाद पूरे प्रदेश में एक महीने तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। खेल महाकुंभ का आयोजन 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा।
गांव से जिला स्तर तक खेल प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
इस बार खेल महाकुंभ की सबसे बड़ी विशेषता इसका व्यापक स्तर पर आयोजन होना है। प्रतियोगिताएं केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांव, न्याय पंचायत, विकासखंड, तहसील और जिला स्तर तक आयोजित की जाएंगी।
खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन के आधार पर अगले स्तर की प्रतियोगिताओं में पहुंचने का अवसर मिलेगा। इस प्रक्रिया के जरिए सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में मौजूद उन प्रतिभाओं की पहचान करना है, जिन्हें पर्याप्त संसाधन या मंच नहीं मिल पाता।
2 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य
सरकार ने इस बार खेल महाकुंभ के माध्यम से 2 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से व्यापक पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों और संबंधित इकाइयों को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाने तथा उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के अधिक से अधिक युवा इस आयोजन का हिस्सा बनें।
सिर्फ खेल नहीं, प्रतिभा खोजने का भी अभियान
उत्तराखंड में खेल महाकुंभ पिछले कुछ वर्षों से केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की पहचान का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनता रहा है।
ग्राम स्तर पर शुरू होने वाली प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी न्याय पंचायत और विकासखंड स्तर तक पहुंचते हैं। इसके बाद तहसील और जिला स्तर पर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है।
इस तरह खेल महाकुंभ के जरिए सरकार जमीनी स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तलाशने और उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति
सरकार का मानना है कि खेल युवाओं को अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। इसी सोच के तहत खेल महाकुंभ को व्यापक भागीदारी वाला आयोजन बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतियोगिताएं आयोजित होने से स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे उन खिलाड़ियों को भी आगे आने का मौका मिल सकता है, जो आर्थिक या भौगोलिक कारणों से बड़े खेल आयोजनों तक नहीं पहुंच पाते।
आयोजन से पहले पंजीकरण पर जोर
खेल महाकुंभ में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभाग पंजीकरण अभियान को व्यापक बनाने में जुटा है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं तक पहुंच बनाने और पंजीकरण बढ़ाने के लक्ष्य दिए गए हैं।
सरकार की नजर इस बार केवल प्रतिभागियों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि प्रतियोगिताओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने पर भी है, ताकि ग्रामीण स्तर से उभरने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का उचित अवसर मिल सके।
युवाओं की भागीदारी के बीच राजनीतिक नजरिया भी अहम
उत्तराखंड में युवाओं की भूमिका राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। हाल के युवा आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और रोजगार समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सामने आए असंतोष के बीच सरकार का यह अभियान खास चर्चा में है।
ऐसे समय में खेल महाकुंभ के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को जोड़ने की सरकार की पहल को सामाजिक और राजनीतिक दोनों नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि सरकार का घोषित उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना है।
चुनाव से पहले बड़ा युवा कनेक्ट अभियान
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में युवाओं को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में खेल महाकुंभ सरकार के लिए युवाओं तक सीधे पहुंच बनाने वाला बड़ा कार्यक्रम साबित हो सकता है।
गांव से लेकर जिला स्तर तक प्रतियोगिताओं के आयोजन से सरकार का संपर्क प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं से होगा। यदि निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक 2 लाख से अधिक युवा इस अभियान में शामिल होते हैं, तो यह राज्य के सबसे बड़े युवा-केंद्रित खेल आयोजनों में शामिल हो सकता है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड सरकार ने खेल महाकुंभ 2026 को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली है। 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन के जरिए 2 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। गांव से लेकर जिला स्तर तक होने वाली प्रतियोगिताओं के माध्यम से सरकार जहां खेल प्रतिभाओं की पहचान करने की कोशिश करेगी, वहीं युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का संदेश भी देगी। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले शुरू होने जा रहा यह अभियान खेल के साथ-साथ युवाओं तक सरकार की पहुंच के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


