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उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा सियासी बदलाव, श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी समेत 10 पार्षद भाजपा में शामिल

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल | 19 अगस्त 2026

उत्तराखंड की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में भाजपा ने कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए स्थानीय स्तर पर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का दावा किया है। श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भंडारी अपने पति एवं समाजसेवी लखपत सिंह भंडारी के साथ 10 पार्षदों को लेकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं।

सभी ने बुधवार को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। स्थानीय निकाय के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के इस तरह एक साथ भाजपा में आने को श्रीनगर की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

10 पार्षदों ने थामा भाजपा का दामन

भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों में विजय चमोली सोनू, मीना भारती, भावना चौहान, अंजनी भंडारी, आशीष नेगी, अनुराग चौहान, राजकुमार, नरेंद्र सिंह रावत, धर्म सिंह रावत और प्रवेश चमोली शामिल हैं।

इनमें अनुराग चौहान और राजकुमार कांग्रेस से जुड़े पार्षद बताए गए हैं, जबकि अन्य पार्षद निर्दलीय हैं। महापौर के साथ इतनी बड़ी संख्या में पार्षदों के भाजपा में आने से नगर निगम की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है।

आरती भंडारी बोलीं, विकास के संकल्प को मिलेगी मजबूती

भाजपा में शामिल होने के बाद महापौर आरती भंडारी ने कहा कि पार्टी में वापसी उनके लिए विचारधारा और विकास के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा उनके लिए नई नहीं है और वह पहले भी भाजपा परिवार का हिस्सा रह चुकी हैं।

आरती भंडारी के मुताबिक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सहयोग से श्रीनगर नगर निगम में विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने कहा कि अब संगठन और सरकार के सहयोग से श्रीनगर को बेहतर और विकसित नगर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

उनका कहना है कि भाजपा में अपने साथियों के साथ शामिल होकर उन्हें खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। उनका मुख्य उद्देश्य श्रीनगर की जनता की सेवा और क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाना है।

लखपत सिंह भंडारी ने बताया जनसेवा को उद्देश्य

महापौर आरती भंडारी के पति और समाजसेवी लखपत सिंह भंडारी ने भी भाजपा में शामिल होने के फैसले को क्षेत्र के विकास और जनसेवा से जोड़कर बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा, विकास की सोच और जनसेवा के संकल्प से वे लंबे समय से जुड़े रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पार्षद साथियों के साथ भाजपा में शामिल होने के बाद जनता के बीच और अधिक मजबूती से काम किया जाएगा। श्रीनगर और पूरे गढ़वाल क्षेत्र के विकास के साथ युवाओं के लिए अवसर, महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक सरोकार और सनातन संस्कृति के संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी काम करने की बात कही गई।

महेंद्र भट्ट बोले, कांग्रेस को जनता ने नकार दिया

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पार्टी में शामिल हुए महापौर और पार्षदों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर लगातार बड़ी संख्या में लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं।

महेंद्र भट्ट ने दावा किया कि आने वाले दिनों में भाजपा में शामिल होने वालों का सिलसिला और तेज होगा। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है और इसी वजह से लोग भाजपा के साथ जुड़ रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और राज्य में भाजपा सरकार की योजनाओं को भी पार्टी के बढ़ते जनसमर्थन का आधार बताया।

धन सिंह रावत के क्षेत्र में बढ़ा भाजपा का प्रभाव

श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का राजनीतिक क्षेत्र है। ऐसे में महापौर समेत 10 पार्षदों का भाजपा में शामिल होना आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

श्रीनगर सीट पर डॉ. धन सिंह रावत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के बीच राजनीतिक मुकाबला लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में स्थानीय निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों का भाजपा के साथ आना भाजपा के लिए स्थानीय संगठन और चुनावी समीकरणों को मजबूत करने वाला घटनाक्रम माना जा रहा है।

कांग्रेस के सामने स्थानीय समीकरण संभालने की चुनौती

एक साथ कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों के भाजपा में जाने से कांग्रेस के सामने श्रीनगर क्षेत्र में अपने संगठन को मजबूत बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है। हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी समय बाकी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर हुए इस राजनीतिक बदलाव ने श्रीनगर की सियासत में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।

भाजपा इसे अपने बढ़ते जनाधार के तौर पर देख रही है, जबकि कांग्रेस के लिए आने वाले समय में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना अहम चुनौती हो सकती है।

निर्दलीय चुनाव जीतकर बनी थीं मेयर

आरती भंडारी का राजनीतिक सफर भी इस घटनाक्रम को खास बनाता है। वर्ष 2025 के उत्तराखंड नगर निगम चुनाव में उन्हें भाजपा की ओर से मेयर पद का टिकट नहीं मिला था। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर जीत हासिल की थी।

अब एक बार फिर आरती भंडारी ने भाजपा के साथ राजनीतिक सफर शुरू किया है। इससे पहले वह जिला पंचायत सदस्य और खिर्सू की ब्लॉक प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।

वहीं उनके पति लखपत सिंह भंडारी भी पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं और लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।

2027 से पहले सियासी संदेश

श्रीनगर में मेयर और 10 पार्षदों का भाजपा में शामिल होना केवल स्थानीय निकाय की राजनीति तक सीमित नहीं माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले यह घटनाक्रम भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

भाजपा जहां इसे अपने संगठन के विस्तार और जनाधार मजबूत होने के संकेत के तौर पर पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस को श्रीनगर में स्थानीय स्तर पर नए राजनीतिक समीकरणों का सामना करना पड़ सकता है।

निष्कर्ष

श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी और 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से पौड़ी गढ़वाल की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। खासतौर पर डॉ. धन सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों का भाजपा के साथ आना 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि इस बदलाव का श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के आगामी चुनावी समीकरणों और कांग्रेस के स्थानीय संगठन पर कितना असर पड़ता है।

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