13 अगस्त को विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना की टनल में हुआ था हादसा, मलबे और पानी के बीच रेस्क्यू अभियान लगातार जारी
चमोली, उत्तराखंड | 18 अगस्त 2026
चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में हुए हादसे के बाद रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। मंगलवार को बचाव दल ने टनल के अंदर से एक और श्रमिक का शव बरामद किया। शव को बाहर निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इस नए शव के बरामद होने के बाद चमोली टनल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। वहीं एक अन्य श्रमिक अब भी लापता बताया जा रहा है। उसकी तलाश के लिए बचाव एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।
टनल से निकाला गया एक और श्रमिक
13 अगस्त को टनल के अंदर अचानक मलबा आने के बाद कई श्रमिक अंदर फंस गए थे। हादसे के बाद से ही लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मंगलवार को बचाव दल ने एक और श्रमिक को टनल से बाहर निकाला। हालांकि बाहर निकालने के बाद चिकित्सकीय जांच में उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की संख्या नौ हो गई है।
एक श्रमिक अभी भी लापता
हादसे के बाद दो श्रमिकों की तलाश की जा रही थी। इनमें से एक का शव बरामद हो चुका है, जबकि एक अन्य श्रमिक का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
लापता श्रमिक की तलाश को रेस्क्यू टीम ने प्राथमिकता में रखा है। टनल के उन हिस्सों में विशेष रूप से सर्च अभियान चलाया जा रहा है, जहां मलबा और पानी जमा होने के कारण पहुंचना मुश्किल बना हुआ है।
मलबे और पानी को निकालने का काम तेज
रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के अंदर जमा मलबे और पानी को बाहर निकालने का काम लगातार किया जा रहा है। सक्शन पंपों की मदद से पानी निकाला जा रहा है, जबकि बचाव दल मलबे को हटाकर संभावित स्थानों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है।
टनल के अंदर की परिस्थितियों को देखते हुए रेस्क्यू टीम बेहद सावधानी के साथ अभियान आगे बढ़ा रही है। संभावित स्थानों पर लगातार सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
NDRF और SDRF समेत कई एजेंसियां जुटीं
लापता श्रमिक की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित विभिन्न बचाव एजेंसियां मौके पर जुटी हुई हैं। अभियान में मशीनरी और पंपों की मदद ली जा रही है।
रेस्क्यू टीम का प्रयास है कि टनल में जमा मलबे और पानी को जल्द से जल्द हटाकर उन स्थानों तक पहुंचा जाए, जहां लापता श्रमिक के मौजूद होने की संभावना है।
13 अगस्त को अचानक आया था मलबा
विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना के तहत चमोली जिले में पहाड़ के भीतर टनल निर्माण का काम चल रहा था। 13 अगस्त को काम के दौरान अचानक ऊपर से मलबा गिरने के बाद टनल का एक हिस्सा प्रभावित हो गया।
हादसे के समय कुल 22 श्रमिकों के अंदर फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया और 12 घायल श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया था।
हादसे में अब तक नौ श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक श्रमिक की तलाश अभी जारी है।
लगातार कई दिनों से चल रहा रेस्क्यू अभियान
हादसे के बाद से बचाव दल लगातार टनल के अंदर अभियान चला रहा है। मलबे की मात्रा, पानी और टनल की परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू टीम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके बावजूद बचाव दल संभावित सभी स्थानों की जांच कर रहा है। जैसे-जैसे मलबा और पानी हटाया जा रहा है, टनल के अंदर नए हिस्सों तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है।
हादसे ने फिर उठाए सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
टनल हादसे में लगातार सामने आ रहे शवों के बाद निर्माणाधीन सुरंगों में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसे निर्माण कार्यों में पहाड़ी भूगर्भीय परिस्थितियों और अचानक मलबा आने जैसी घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा मानकों का विशेष महत्व है।
फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान लापता श्रमिक की तलाश और सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करने पर केंद्रित है।
निष्कर्ष
चमोली के पीपलकोटी क्षेत्र में हुए टनल हादसे में मंगलवार को एक और श्रमिक का शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या नौ पहुंच गई है। हादसे के बाद अब तक 12 घायल श्रमिकों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि एक श्रमिक अभी भी लापता है।
लापता श्रमिक की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों का संयुक्त अभियान जारी है। टनल से पानी और मलबा निकालने के साथ संभावित स्थानों पर सघन तलाशी ली जा रही है। रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर और नुकसान की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


