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तीरथ सिंह रावत को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में बड़ी जिम्मेदारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने

स्थान: देहरादून/नई दिल्ली
दिनांक: 17 अगस्त 2026

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को राष्ट्रीय संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा कर दी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता तीरथ सिंह रावत को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

नई राष्ट्रीय टीम में कुल 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में तीरथ सिंह रावत के अलावा राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, एम. नागराजा, तारिक मंसूर समेत अन्य नेताओं को शामिल किया गया है।

उत्तराखंड से तीरथ सिंह रावत को मिली जगह

नितिन नबीन की राष्ट्रीय टीम में तीरथ सिंह रावत को शामिल किया जाना उत्तराखंड भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ तीरथ सिंह रावत संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और पार्टी के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की नई जिम्मेदारी के साथ तीरथ सिंह रावत अब भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में सीधे तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनकी नियुक्ति से उत्तराखंड को भाजपा के केंद्रीय संगठन में प्रतिनिधित्व भी मिला है।

नई टीम में कई बड़े चेहरों की वापसी

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में कई अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। वसुंधरा राजे और राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिली है।

पार्टी ने कुल आठ राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किए हैं। इनमें स्मृति ईरानी के साथ विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया शामिल हैं।

भाजपा ने बीएल संतोष को राष्ट्रीय महासचिव संगठन के पद पर बरकरार रखा है। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

कौन हैं तीरथ सिंह रावत

तीरथ सिंह रावत का जन्म 1 अप्रैल 1964 को पौड़ी गढ़वाल के सीरों क्षेत्र में हुआ। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई।

वह 1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री समेत विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में वह छात्र राजनीति से भी जुड़े रहे और छात्र संघ अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई। आगे चलकर वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के उत्तर प्रदेश संगठन में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद से शुरू हुआ सक्रिय राजनीतिक सफर

तीरथ सिंह रावत वर्ष 1997 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए। इसके बाद उत्तराखंड राज्य गठन के समय उन्होंने राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वर्ष 2000 में वह नवगठित उत्तराखंड के प्रथम शिक्षा मंत्री बने। इसके बाद वर्ष 2007 में उन्हें भाजपा उत्तराखंड का प्रदेश महामंत्री बनाया गया।

वर्ष 2012 में उन्होंने चौबट्टाखाल विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। वर्ष 2013 में उन्हें उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।

मुख्यमंत्री से सांसद तक संभाली कई जिम्मेदारियां

तीरथ सिंह रावत वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पौड़ी गढ़वाल सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे और जीत दर्ज की। वह भाजपा के राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

वर्ष 2021 में त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल करीब चार महीने का रहा।

मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी वह भाजपा संगठन और राजनीति में सक्रिय रहे। अब पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर केंद्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी सौंपी है।

उत्तराखंड भाजपा में बढ़ी राजनीतिक चर्चा

तीरथ सिंह रावत की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के बाद उत्तराखंड भाजपा में भी इसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी संगठनात्मक पृष्ठभूमि और सरकार तथा पार्टी में विभिन्न जिम्मेदारियों का अनुभव अब राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के काम आ सकता है।

भाजपा की नई टीम में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के नेताओं को स्थान दिया गया है। पार्टी ने नई नियुक्तियों के जरिए संगठन में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाने की कोशिश की है।

निष्कर्ष

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना उत्तराखंड के लिए अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। मुख्यमंत्री, सांसद, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके तीरथ सिंह रावत के अनुभव को अब भाजपा के केंद्रीय संगठन में इस्तेमाल किया जाएगा। नई राष्ट्रीय टीम में अनुभवी नेताओं के साथ कई प्रमुख चेहरों को शामिल कर भाजपा ने अपने संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने का संकेत दिया है।

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