स्थान: मसूरी/विकासनगर, देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 17 अगस्त 2026
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मतदाता सूची में वर्षों से दर्ज पात्र नागरिकों के नामों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने मसूरी और विकासनगर में मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई पात्र मतदाताओं के नामों को आपत्तियों के माध्यम से सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र नागरिक के मताधिकार से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी ने मांग की है कि प्रारूप-7 के तहत दर्ज सभी आपत्तियों का पूरा विवरण बूथ लेवल एजेंटों को उपलब्ध कराया जाए और प्रत्येक आपत्ति की पारदर्शी तरीके से जांच की जाए।
मसूरी में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को सौंपा प्रत्यावेदन
मसूरी में शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रत्यावेदन सौंपा। कांग्रेस ने मतदाता सूची में दर्ज आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कई ऐसे लोगों के नामों पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जो वर्षों से मसूरी में निवास कर रहे हैं और लंबे समय से मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। कांग्रेस के अनुसार, इन लोगों के नाम किसी अन्य स्थान की मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं, इसके बावजूद उनके नामों को लेकर आपत्तियां सामने आ रही हैं।
आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति की मौजूदगी की मांग
कांग्रेस ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति को सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य किया जाए। पार्टी का कहना है कि केवल शिकायत या आपत्ति के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना उचित नहीं होगा।
कांग्रेस ने आपत्तियों के समर्थन में ठोस दस्तावेज और प्रमाणों की जांच करने की मांग की है। इसके साथ ही प्रारूप-7 के तहत प्राप्त आपत्तियों का पूरा विवरण बीएलए-2 को उपलब्ध कराने और बीएलओ के स्तर पर संबंधित मतदाता के निवास की पुष्टि कराने की मांग भी उठाई गई।
स्थानीय सभासद से भी मतदाता के मसूरी में निवास की पुष्टि कराने की मांग कांग्रेस की ओर से रखी गई है।
स्थानीय लोगों ने भी उठाई प्रक्रिया पर पारदर्शिता की मांग
मसूरी में स्थानीय नागरिकों ने भी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। स्थानीय निवासी इदरीश अहमद ने कहा कि वर्षों से मसूरी में रह रहे लोगों को अचानक मतदाता सूची से बाहर करने का प्रयास गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से प्रत्येक आपत्ति की जमीनी स्तर पर जांच कराने की मांग की।
दानिश खान ने कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाया जाता है तो यह केवल एक व्यक्ति के अधिकार का मामला नहीं रहेगा, बल्कि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
वहीं, शाहजेब अहमद ने कहा कि पात्र मतदाताओं को अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रशासन के सामने अपनी बात रखनी पड़ रही है। ऐसे में पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाना जरूरी है।
विकासनगर में कांग्रेस का तहसील परिसर में प्रदर्शन
विकासनगर में भी SIR को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवप्रभात के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे और मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और आपत्तियों के जरिए वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी।
प्रदर्शन के बाद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मतदाता सूची की आपत्तियों की जांच निष्पक्ष तरीके से कराने और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की गई।
फर्जी आपत्तियों के आरोपों की जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर वैध मतदाताओं के नामों के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। पार्टी ने ऐसी आपत्तियों की सत्यता की जांच कराने और यदि किसी स्तर पर गलत जानकारी देकर आपत्ति दर्ज कराई गई है तो उसके लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में सुधार और पुनरीक्षण की प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसमें किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना पर्याप्त सत्यापन के हटाया नहीं जाना चाहिए।
कांग्रेस ने रखीं प्रमुख मांगें
कांग्रेस की ओर से प्रशासन के सामने मुख्य रूप से प्रारूप-7 के तहत दर्ज सभी आपत्तियों का विवरण बीएलए-2 को उपलब्ध कराने, आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति की सुनवाई के दौरान उपस्थिति सुनिश्चित करने और आपत्तियों के समर्थन में प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई है।
इसके अलावा बीएलओ तथा स्थानीय स्तर पर संबंधित प्रतिनिधियों के माध्यम से मतदाता के निवास की पुष्टि करने पर भी जोर दिया गया है। कांग्रेस ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में SIR को लेकर मसूरी और विकासनगर में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गई है। कांग्रेस ने आपत्तियों की पारदर्शी जांच और पात्र मतदाताओं के नाम बिना पर्याप्त सत्यापन के नहीं हटाने की मांग की है। अब प्रशासन की ओर से इन शिकायतों और मांगों पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। मतदाता सूची की प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना इसलिए महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार प्रभावित न हो।


