देहरादून की सतर्कता टीम ने 18 अगस्त को की कार्रवाई, कृषि सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर 10 हजार और ब्लॉक से जुड़े काम के एवज में 35 हजार रुपये लेने का आरोप
हरिद्वार/रुड़की, उत्तराखंड | 18 अगस्त 2026
हरिद्वार जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान ने एक ही दिन में दो बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग विभागों के दो अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। देहरादून से पहुंची विजिलेंस टीम ने खानपुर विकासखंड में तैनात सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव को 10 हजार रुपये और नारसन ब्लॉक में तैनात पीआरडी क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
दोनों मामलों में शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। शिकायतों में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद दोनों अधिकारियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग ट्रैप ऑपरेशन तैयार किए गए। कार्रवाई के बाद संबंधित विभागों और ब्लॉक कार्यालयों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
कृषि यंत्र की सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के बदले मांगे 10 हजार
पहला मामला खानपुर विकासखंड से सामने आया। जानकारी के अनुसार खानपुर निवासी एक व्यक्ति के भाई ने कृषि यंत्र खरीदने के लिए सरकारी सब्सिडी योजना के तहत आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन से जुड़ी फाइल को आगे बढ़ाने और प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर खानपुर विकासखंड में तैनात सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी सतर्कता अधिष्ठान को दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने मामले की प्राथमिक जांच और सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद आरोपी अधिकारी को पकड़ने की योजना बनाई गई।
10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा
18 अगस्त को देहरादून से पहुंची सतर्कता टीम ने निर्धारित योजना के तहत ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी सहायक कृषि अधिकारी ने शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद सतर्कता टीम ने मामले से जुड़े आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू की। सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के इस मामले में हुई कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग में भी हलचल मच गई।
नारसन ब्लॉक में भी रिश्वतखोरी का मामला
दूसरी कार्रवाई रुड़की क्षेत्र के नारसन ब्लॉक में की गई। यहां देहरादून की सतर्कता टीम ने पीआरडी क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप को कथित तौर पर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
जानकारी के मुताबिक ग्राम मुंडियकी निवासी एक व्यक्ति ने सतर्कता विभाग से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ब्लॉक से संबंधित एक काम को कराने के एवज में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप द्वारा उससे 35 हजार रुपये की मांग की जा रही है।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए ट्रैप तैयार किया गया।
35 हजार रुपये के साथ अधिकारी गिरफ्तार
18 अगस्त को देहरादून से पहुंची सतर्कता टीम ने नारसन ब्लॉक में योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। टीम ने कुलदीप को कथित तौर पर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस के अनुसार आरोपी के कब्जे से 500-500 रुपये के नोटों के रूप में कुल 35 हजार रुपये बरामद किए गए। गिरफ्तारी के बाद टीम ने ब्लॉक परिसर में ही मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच शुरू की।
एक ही दिन में दो कार्रवाई से मचा हड़कंप
हरिद्वार जिले में अलग-अलग विभागों के दो अधिकारियों के खिलाफ एक ही दिन हुई विजिलेंस कार्रवाई से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया। दोनों मामलों में शिकायतों के आधार पर पहले सत्यापन किया गया और उसके बाद ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
सतर्कता टीम अब दोनों मामलों से जुड़े दस्तावेजों, शिकायतों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। आगे की कानूनी प्रक्रिया भी नियमानुसार जारी है।
रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश
इन दोनों मामलों ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों में रिश्वतखोरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर सरकारी सब्सिडी और ब्लॉक स्तर से जुड़े काम कराने के बदले कथित रूप से धन मांगने के मामलों में हुई कार्रवाई से यह संदेश गया है कि शिकायत मिलने पर सतर्कता विभाग ट्रैप कार्रवाई कर सकता है।
विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अब संबंधित विभागों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर निगरानी बढ़ने की संभावना है।
निष्कर्ष
हरिद्वार जिले में 18 अगस्त को हुई दो अलग-अलग विजिलेंस कार्रवाइयों में दो अधिकारियों की गिरफ्तारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग की सक्रियता को सामने ला दिया है। खानपुर में सहायक कृषि अधिकारी पर कृषि यंत्र की सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रिया के लिए 10 हजार रुपये मांगने का आरोप है, जबकि नारसन में पीआरडी क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी पर ब्लॉक से जुड़े काम के एवज में 35 हजार रुपये लेने का आरोप है।
दोनों मामलों में गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई और जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि रिश्वत की मांग और संबंधित कार्यों में अधिकारियों की भूमिका किस स्तर तक थी। फिलहाल दोनों मामलों ने सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग की कार्रवाई को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है।


