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देहरादून में छात्रा ने पुलिस पर रिश्वत मांगने और मारपीट का लगाया आरोप, पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार

देहरादून | 19 अगस्त 2026

देहरादून में छात्रों और पुलिस के बीच हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। एक छात्रा ने पुलिसकर्मियों पर रिश्वत मांगने, उसके दोस्त के साथ मारपीट करने और विरोध करने पर उसे धक्का देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने शिकायत करने पहुंचे छात्रों के साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया।

मामले का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। देहरादून पुलिस ने छात्रा के आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस के मुताबिक, बिधौली क्षेत्र में कुछ छात्र सार्वजनिक स्थान पर आपस में झगड़ रहे थे और मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद तीन छात्रों को शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

बिधौली मैगी प्वाइंट जाते समय रोकने का आरोप

छात्रा की ओर से सामने आए वीडियो के मुताबिक, वह अपने कुछ दोस्तों के साथ बिधौली स्थित मैगी प्वाइंट की ओर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया।

छात्रा का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे कथित तौर पर रिश्वत लेने का प्रयास किया। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया और इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मी उनके एक दोस्त को अपने साथ अंदर ले गए।

छात्रा का दावा है कि उसने पुलिसकर्मियों से अपने दोस्त को छोड़ने का अनुरोध किया, लेकिन कथित तौर पर उसके साथ भी उचित व्यवहार नहीं किया गया।

दोस्त से मारपीट और छात्रा को धक्का देने का आरोप

छात्रा ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके दोस्त के साथ मारपीट की। उसका कहना है कि जब वह अपने दोस्त के पीछे पुलिसकर्मियों के पास पहुंची तो उसे भी कथित तौर पर धक्का दिया गया।

छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। उसके मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से चले जाने के लिए कहा और दोबारा दिखाई नहीं देने की चेतावनी भी दी।

छात्रा का कहना है कि उसने अपने दोस्त को छुड़ाने के लिए पुलिसकर्मियों से दोबारा आग्रह किया, लेकिन उसे करीब दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

शिकायत लेकर थाने पहुंचे छात्र

छात्रा के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद उसने अपने अन्य दोस्तों को भी बुलाया। इसके बाद छात्र शिकायत लेकर प्रेमनगर थाने पहुंचे।

आरोप है कि वहां उनकी शिकायत लेने से इनकार कर दिया गया। छात्रा का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर कहा कि शिकायत स्वीकार नहीं की जाएगी और उन्हें जो करना है, वह कर सकते हैं।

छात्रा ने थाने में मौजूद एक कॉन्स्टेबल के व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। उसके मुताबिक, कॉन्स्टेबल ने कथित तौर पर चुनौतीपूर्ण अंदाज में उनसे फोटो और बैच की फोटो लेने की बात कही। घटना के बाद छात्रों में नाराजगी देखने को मिली।

पुलिस ने बताई घटना की अलग कहानी

छात्रा के आरोपों के बाद देहरादून पुलिस ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है। सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल के अनुसार घटना 17 अगस्त की है।

पुलिस के मुताबिक, प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिधौली इलाके में कुछ लोगों के आपस में सार्वजनिक स्थान पर झगड़ने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।

पुलिस का कहना है कि दोनों पक्ष सार्वजनिक मार्ग पर हंगामा करते हुए एक-दूसरे से मारपीट पर उतारू थे। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद में शामिल लोग शांत नहीं हुए और स्थिति और अधिक बिगड़ने लगी।

तीन छात्रों को किया गया गिरफ्तार

सीओ सिटी के मुताबिक, मौके पर शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से दोनों पक्षों के तीन छात्रों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार सभी छात्रों का चालान कर उन्हें विकासनगर स्थित अदालत में पेश किया गया।

सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि बिधौली चौक के पास छात्रों के आपस में झगड़ने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। पुलिस ने पहले छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि छात्रों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी बहस शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए तीन छात्रों का चालान किया और उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया।

आरोपों और पुलिस के दावे में अंतर

इस पूरे मामले में छात्रा की ओर से पुलिस पर रिश्वत मांगने और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जबकि पुलिस इन आरोपों को खारिज करते हुए घटना को छात्रों के आपसी विवाद और सार्वजनिक रूप से हंगामा करने से जोड़ रही है।

अब मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि रिश्वत मांगने या मारपीट के आरोपों की कोई स्वतंत्र पुष्टि होती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठ सकते हैं। वहीं पुलिस का दावा है कि मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की गई।

निष्कर्ष

देहरादून के बिधौली क्षेत्र का यह मामला छात्रों और पुलिस के बीच कार्रवाई को लेकर उठे सवालों के कारण चर्चा में है। एक तरफ छात्रा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी ओर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को छात्रों के आपसी विवाद और सार्वजनिक हंगामे का परिणाम बताया है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही साफ हो पाएगी।

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