स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 20 अगस्त 2026
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश में मीडिया और संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पांच मीडिया कोऑर्डिनेटरों की नियुक्ति की है। पार्टी का मानना है कि चुनावी तैयारियों के दौरान मीडिया के साथ बेहतर समन्वय और पार्टी के मुद्दों को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित होगी।
पंखुड़ी पाठक को नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पंखुड़ी पाठक को नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। उनके साथ प्रकाश मीणा, अरुण अग्रवाल, रितु चौधरी और आदित्य गर्ग को भी कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नियुक्त किए गए सभी पदाधिकारी उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मीडिया और संचार से संबंधित गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाएंगे।
चुनावी मुद्दों को जनता तक पहुंचाने पर जोर
कांग्रेस की ओर से यह नियुक्तियां ऐसे समय की गई हैं, जब प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। पार्टी की योजना अपने संगठनात्मक कार्यक्रमों, नीतियों, जनहित से जुड़े मुद्दों और सरकार से संबंधित सवालों को मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर जनता तक पहुंचाने की है।
कांग्रेस का कहना है कि मीडिया कोऑर्डिनेटर पार्टी के प्रदेश नेतृत्व, मीडिया टीम और केंद्रीय संचार विभाग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेंगे।
प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक बनेगा बेहतर समन्वय
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह के मुताबिक चुनाव के दौरान मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने मीडिया कोऑर्डिनेशन की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है।
नियुक्त कोऑर्डिनेटरों का एक प्रमुख दायित्व प्रदेश कांग्रेस की मीडिया कमेटी के साथ तालमेल बनाए रखना होगा। इसके अलावा ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के कम्युनिकेशन विभाग से मिलने वाले दिशा-निर्देशों को प्रदेश स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कराने की जिम्मेदारी भी इन पदाधिकारियों की रहेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया कार्यक्रमों पर रहेगा फोकस
पार्टी की रणनीति के तहत जनहित से जुड़े विषयों और भाजपा सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस, संवाद कार्यक्रम और अन्य मीडिया गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कांग्रेस इन माध्यमों के जरिए अपने राजनीतिक पक्ष को जनता के सामने रखने के साथ-साथ प्रदेश से जुड़े प्रमुख मुद्दों को भी व्यापक चर्चा में लाने की तैयारी कर रही है।
जिलों में भी मजबूत होगी मीडिया व्यवस्था
कांग्रेस की नई रणनीति केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी की योजना प्रदेश के सभी जिलों में मीडिया कोऑर्डिनेशन को मजबूत करने की है।
जिला स्तर पर नियुक्त किए जाने वाले कोऑर्डिनेटर स्थानीय पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। इसके साथ ही पार्टी के कार्यक्रमों, चुनावी गतिविधियों और स्थानीय मुद्दों से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित तरीके से मीडिया तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।
जल्द गठित हो सकती है नई प्रदेश मीडिया कमेटी
कांग्रेस नेताओं के अनुसार उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की नई मीडिया कमेटी का गठन भी जल्द किया जा सकता है। इसके बाद प्रदेश प्रवक्ताओं और मीडिया टीम के सदस्यों की जिम्मेदारियां और अधिक स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी।
पार्टी नेतृत्व की ओर से जारी होने वाले केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश की मीडिया टीम काम करेगी और कांग्रेस की नीतियों, संगठनात्मक गतिविधियों तथा जनहित से जुड़े विषयों को जनता के बीच रखने पर जोर दिया जाएगा।
विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारी
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को अभी समय है, लेकिन कांग्रेस की ओर से मीडिया नेटवर्क को मजबूत करने की शुरुआत को चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी संगठन को बूथ और जिला स्तर तक सक्रिय करने के साथ-साथ अपनी राजनीतिक बात को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।
पांच मीडिया कोऑर्डिनेटरों की नियुक्ति इसी व्यापक संचार रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले समय में प्रदेश और जिला स्तर पर मीडिया गतिविधियों के विस्तार के साथ कांग्रेस की चुनावी तैयारियों में और तेजी आने की संभावना है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने मीडिया और संचार तंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। पांच कोऑर्डिनेटरों की नियुक्ति के साथ पार्टी अब केंद्रीय नेतृत्व, प्रदेश संगठन और जिला स्तर की मीडिया टीम के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश करेगी। आने वाले चुनावी दौर में पार्टी अपने मुद्दों और राजनीतिक अभियान को जनता तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचा पाती है, यह उसकी चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।


