स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 21 अगस्त 2026
पटेलनगर में छात्र गुटों का विवाद हिंसक हुआ
देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में छात्र गुटों के बीच पुराना विवाद उस समय गंभीर रूप ले गया, जब पहले लाठी-डंडों से मारपीट और वाहनों में तोड़फोड़ हुई और बाद में सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग कर दी गई। दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क से गुजर रहे लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पटेलनगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कुल 11 नामजद युवकों समेत अन्य अज्ञात लोगों को मामले में आरोपी बनाया गया है।
स्विफ्ट कार सवार युवकों पर फायरिंग का आरोप
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि पटेलनगर क्षेत्र में स्विफ्ट कार सवार कुछ युवकों ने फायरिंग की है। इस दौरान एक युवक के घायल होने की जानकारी मिली। पुलिस के पहुंचने तक घायल साहिल को उसके साथी उपचार के लिए महंत इंदिरेश अस्पताल ले जा चुके थे।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था, जिसने देखते ही देखते मारपीट और फिर फायरिंग का रूप ले लिया।
पहले मारपीट और तोड़फोड़, फिर चली गोलियां
पुलिस जांच के मुताबिक एक पक्ष से सुजल, अंशुल, आदित्य, आर्यन, विशाल, दक्ष, साहिल और अन्य युवकों का दूसरे पक्ष के गुरमीत, रमन, अमन और रोहित से विवाद हुआ। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट हुई और वाहन में तोड़फोड़ की गई।
इसके बाद पुलिस के अनुसार दूसरे पक्ष के गुरमीत और उसके साथियों ने आईटीएस कॉलेज के पास फायरिंग की। पहले पक्ष के युवकों द्वारा कार सवार युवकों का पीछा किए जाने के बाद शिमला बाईपास रोड स्थित सेंट ज्यूडस चौक के पास दोबारा फायरिंग की गई।
इसी दौरान साहिल को गोली लग गई। सार्वजनिक सड़क पर हुई फायरिंग से आसपास मौजूद लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया। घटना ने इलाके की कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
दोनों पक्षों पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया है। पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर मारपीट, लाठी-डंडों के इस्तेमाल, वाहनों में तोड़फोड़ और फायरिंग के आरोपों को जांच के दायरे में लिया है।
पुलिस ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया। कार्रवाई के दौरान सुजल पाल, आदित्य मलिक, अंशुल और आर्यन को गिरफ्तार कर लिया गया है।
फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी
पुलिस के मुताबिक मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थान पर हिंसा और फायरिंग जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पढ़ाई या छात्र गतिविधियों की आड़ में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले युवकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का सख्त संदेश
एसएसपी देहरादून ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि शहर में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी गुट को सड़क पर हिंसा, हथियारों का प्रदर्शन या फायरिंग की अनुमति नहीं दी जा सकती।
फिलहाल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
निष्कर्ष
पटेलनगर में छात्र गुटों के बीच शुरू हुआ विवाद फायरिंग तक पहुंचने से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपियों को पकड़ना और फायरिंग की पूरी घटना के पीछे की वजह तथा घटनाक्रम को स्पष्ट करना है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के परिणामों के आधार पर की जाएगी।


