ऋषिकेश/यमकेश्वर, 14 जून 2026
उत्तराखंड के यमकेश्वर ब्लॉक क्षेत्र में गंगा नदी के तेज बहाव के बीच एक युवक पूरी रात पहाड़ी पर फंसा रहा। अंधेरा, उफनती गंगा की गर्जना और आसपास के जंगलों में जंगली जानवरों का डर उसके लिए हर पल नई चुनौती बन गया। रविवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने साहसिक अभियान चलाकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद युवक ने राहत की सांस ली और खुद को नया जीवन मिलने जैसा अनुभव बताया।
गंगा पार करने के दौरान तेज बहाव में फंसा युवक
जानकारी के अनुसार, शनिवार को यमकेश्वर ब्लॉक के 84 कुटिया क्षेत्र के पास एक युवक गंगा नदी में तैर रहा था। इसी दौरान वह अचानक नदी की तेज धारा की चपेट में आ गया और बहते हुए नदी के बीच स्थित एक पहाड़ी जैसे स्थान पर पहुंच गया। तेज बहाव और बढ़ते अंधेरे के कारण वह वापस किनारे तक नहीं आ सका।
शाम ढलने के साथ ही आसपास का इलाका पूरी तरह सुनसान हो गया। मदद के लिए पुकारने का भी कोई साधन नहीं था और युवक को मजबूरन पूरी रात उसी पहाड़ी पर गुजारनी पड़ी।
पूरी रात जंगली जानवरों और नदी की गर्जना के बीच गुजारा समय
रातभर युवक चारों ओर से कठिन परिस्थितियों से घिरा रहा। एक ओर गंगा की तेज धारा का लगातार शोर और दूसरी ओर जंगल की खामोशी उसके मन में भय पैदा करती रही। आसपास वन क्षेत्र होने के कारण उसे जंगली जानवरों के हमले का डर भी सताता रहा।
बताया जा रहा है कि कई बार युवक ने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन उसने धैर्य बनाए रखा और किसी तरह सुबह होने का इंतजार करता रहा।
सुबह हाथ हिलाकर मांगी मदद, एसडीआरएफ बनी जीवन रक्षक
रविवार सुबह करीब नौ बजे एसडीआरएफ ढालवाला को सूचना मिली कि यमकेश्वर ब्लॉक में 84 कुटिया के नीचे गंगा नदी के किनारे स्थित एक पहाड़ी पर एक युवक फंसा हुआ है और वह हाथ हिलाकर सहायता की गुहार लगा रहा है।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों और छोटी रेस्क्यू बोट के साथ घटनास्थल पर पहुंची। नदी के तेज बहाव और ऊंची लहरों के बीच टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाया और युवक तक पहुंचने में सफलता हासिल की। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उसे रेस्क्यू बोट में बैठाकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया।
बिहार का रहने वाला है युवक, ऋषिकेश में किराये पर रहता है
एसडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान करण कुमार पासवान (21 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र पासवान, निवासी ग्राम गुंडी, पोस्ट ऑफिस बड़ा द्वारा, थाना इंदिरागंज, जिला आरा (बिहार) के रूप में हुई है। युवक वर्तमान में ऋषिकेश क्षेत्र में किराये के कमरे में रहकर काम करता है।
प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने बताया कि वह नदी में तैर रहा था, तभी अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया और बहते-बहते पहाड़ी तक पहुंच गया। अंधेरा होने और जलधारा अत्यधिक तेज होने के कारण वह वापस लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
एसडीआरएफ ने लोगों से की सतर्कता बरतने की अपील
रेस्क्यू अभियान के बाद एसडीआरएफ ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे गंगा नदी में तैराकी या स्नान करते समय पूरी सावधानी बरतें और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर और धारा अचानक बढ़ सकती है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या एसडीआरएफ को सूचना देना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
निष्कर्ष
यमकेश्वर क्षेत्र में गंगा की तेज धारा में फंसे युवक का यह घटनाक्रम किसी चमत्कार से कम नहीं है। पूरी रात भय और अनिश्चितता के बीच बिताने के बाद एसडीआरएफ के समय पर पहुंचने से उसकी जान बच सकी। यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि गंगा जैसी तेज प्रवाह वाली नदियों में लापरवाही गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसी घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।


