गंगा की मर्यादा से खिलवाड़ पड़ा भारी, ऋषिकेश में नदी के बीच शराब पी रहे तीन पर्यटकों को स्थानीय युवाओं ने रोका
ऋषिकेश | 18 नवंबर 2025
योगनगरी ऋषिकेश से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों के आचरण को लेकर बहस छेड़ दी है। गंगा नदी के बीच बैठकर शराब पी रहे तीन पर्यटकों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ स्थानीय युवा पर्यटकों को ऐसा करने से रोकते हुए दिखाई दे रहे हैं और गंगा के धार्मिक महत्व के बारे में उन्हें समझाते नजर आ रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना करीब दो दिन पुरानी बताई जा रही है। हालांकि, यह घटना टिहरी जिले के तपोवन क्षेत्र की है या फिर पौड़ी जनपद के लक्ष्मणझूला क्षेत्र की, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
हाथ में शराब की बोतल और ग्लास लिए दिखाई दिया एक पर्यटक
वायरल वीडियो में तीन पर्यटक गंगा नदी के बीच बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। इनमें से एक युवक नशे की हालत में नजर आ रहा है। उसके हाथ में शराब की बोतल और ग्लास भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवक को चलते समय लड़खड़ाते और गिरते हुए भी देखा जा सकता है।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने इसे गंगा की पवित्रता और धार्मिक आस्था के प्रति असम्मान बताया है।
स्थानीय युवाओं ने जताया विरोध, धार्मिक महत्व की दिलाई याद
वीडियो में मौजूद स्थानीय युवाओं ने पर्यटकों को रोकते हुए गंगा नदी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी दी। युवाओं ने स्पष्ट कहा कि गंगा में बैठकर शराब पीना करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान है और इसे पाप के समान माना जाता है।
उन्होंने पर्यटकों से कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है, लेकिन यहां की परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
चेतावनी के बाद पर्यटकों ने मानी गलती
स्थानीय युवाओं की समझाइश और विरोध के बाद तीनों पर्यटक अपनी गलती स्वीकार करते हुए वहां से चले गए। वीडियो में किसी प्रकार की मारपीट या विवाद की स्थिति दिखाई नहीं दे रही है। युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से पर्यटकों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें भविष्य में ऐसी हरकत न करने की चेतावनी दी।
धार्मिक स्थलों पर अनुशासन बनाए रखने की उठी मांग
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रशासन से धार्मिक स्थलों और गंगा घाटों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड पहुंचते हैं और ऐसे में धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
कई लोगों ने यह भी कहा कि पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
गंगा नदी करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र
गंगा नदी को देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान माना जाता है। ऋषिकेश, लक्ष्मणझूला और तपोवन क्षेत्र में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। यहां आने वाले लोगों से अपेक्षा की जाती है कि वे धार्मिक परंपराओं और स्थानीय नियमों का पालन करें।
निष्कर्ष
ऋषिकेश क्षेत्र से सामने आया यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से भी जुड़ा हुआ है। स्थानीय युवाओं द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए पर्यटकों को समझाना सामाजिक जागरूकता का उदाहरण माना जा रहा है। वहीं, इस घटना ने धार्मिक स्थलों पर अनुशासन और संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।


