आरोपी की बेटी और पत्नी आईं सामने, बोलीं- “राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा परिवार”
खटीमा/चंपावत | 7 मई 2026
उत्तराखंड के चंपावत जिले में नाबालिग लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने अब नया और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। मामले में बीजेपी से जुड़े एक पूर्व पदाधिकारी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अब आरोपियों के परिजन भी खुलकर सामने आ गए हैं। आरोपियों के परिवार ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस हाईप्रोफाइल मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। जहां एक ओर पुलिस गंभीरता से जांच में जुटी है, वहीं दूसरी ओर आरोपियों के परिजन खुद को बेगुनाह बताते हुए न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
आरोपी की बेटी बोली- “मेरे पिता निर्दोष हैं”
मामले में नामजद एक आरोपी की बेटी ने मीडिया के सामने आकर अपने पिता का बचाव किया। उसने दावा किया कि घटना वाली रात उसके पिता पूरे परिवार के साथ घर पर मौजूद थे और उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है।
आरोपी की बेटी ने कहा कि उनके परिवार की सामाजिक छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उसने भरोसा जताया कि निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
पत्नी ने कहा- “हमारा परिवार मानसिक रूप से टूट गया”
आरोपी की पत्नी ने मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक होते हुए कहा कि इस मामले ने उनके पूरे परिवार को गहरे मानसिक और सामाजिक संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि जिस नाबालिग लड़की की बात हो रही है, उनकी अपनी बेटी भी लगभग उसी उम्र की है और वे कभी ऐसी सोच भी नहीं सकतीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को जानबूझकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिशोध के तहत फंसाया जा रहा है। परिवार ने एक व्यक्ति विशेष का नाम लेते हुए कहा कि उसी की वजह से यह पूरा विवाद खड़ा किया गया है।
दूसरे आरोपी के पिता भी आए सामने
मामले में नामजद एक अन्य आरोपी के पिता ने भी अपने बेटे को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और किसी राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।
परिजनों के लगातार सामने आने के बाद अब यह मामला केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।
आईजी कुमाऊं ने कहा- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
कुमाऊं रेंज की आईजी रिधिम अग्रवाल ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़िता को हरसंभव सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
आईजी ने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहें और भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने की अपील भी की।
जानिए क्या है पूरा मामला
पीड़िता के पिता के अनुसार, वह अपनी नाबालिग बेटी को इलाज के लिए पांच मई को चंपावत लाए थे। इलाज के बाद पिता गांव लौट गए, जबकि उनकी बेटी अपनी सहेली के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए चंपावत में ही रुक गई थी।
शाम तक बेटी के घर नहीं लौटने पर परिवार चिंतित हो गया। पिता ने जब बेटी से फोन पर संपर्क किया तो उसने बताया कि वह अपने एक परिचित युवक के साथ सहेली के गांव गई हुई है, जहां शादी का कार्यक्रम चल रहा है।
परिवार के मुताबिक देर रात तक बेटी का कोई पता नहीं चला। रात करीब 1:28 बजे बेटी की ओर से कॉल आया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी और तुरंत बाद मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया।
इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और स्थानीय लोगों के साथ तलाश शुरू की। सुबह करीब चार बजे लड़की सहेली के गांव में एक कमरे में बंधी हुई मिली।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
बीजेपी से जुड़े पूर्व पदाधिकारी समेत तीन पर मुकदमा
पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर बीजेपी के एक पूर्व पदाधिकारी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और किसी भी आरोपी को केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही दोषी माना जाएगा।
निष्कर्ष
चंपावत का यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है। एक तरफ पीड़िता का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर आरोपियों के परिजन खुद को साजिश का शिकार बता रहे हैं। ऐसे में अब पूरे प्रदेश की नजर पुलिस जांच और आने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।


