चमोली, उत्तराखंड | 10 मई 2026
उत्तराखंड के चमोली जिले में नीति-मलारी नेशनल हाईवे पर हुए भारी भूस्खलन ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। बिना बारिश अचानक पहाड़ी दरकने से हाईवे पर मलबे और बड़े-बड़े पत्थरों का अंबार लग गया, जिससे मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। इस भयावह घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार नीति-मलारी नेशनल हाईवे पर इन दिनों सड़क को डबल लेन बनाने का कार्य चल रहा है। इसी दौरान पहाड़ की कटिंग की जा रही थी कि अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। देखते ही देखते धूल और धुएं का विशाल गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया और सड़क पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया।
घटना के दौरान वहां मौजूद स्थानीय लोगों और मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते लोग सुरक्षित स्थानों की ओर हट गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया।
भूस्खलन के कारण नीति-मलारी हाईवे पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क बाधित होने से नीति घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। इसका असर स्थानीय लोगों की आवाजाही, जरूरी सामानों की आपूर्ति और सेना के आवागमन पर भी पड़ रहा है।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि पहाड़ों की अनियंत्रित कटिंग के कारण लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे जान-माल का खतरा बढ़ता जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बीआरओ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया, लेकिन पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण राहत एवं बहाली कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था होने तक हाईवे पर आवाजाही रोक दी गई है।
गौरतलब है कि पर्वतीय क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं आमतौर पर मानसून सीजन में देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार बारिश शुरू होने से पहले ही बड़े स्तर पर भूस्खलन की घटना सामने आने से विशेषज्ञ भी चिंता जता रहे हैं। हर साल बरसात के दौरान पहाड़ दरकने से कई सड़कें बंद हो जाती हैं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कई मामलों में भूस्खलन के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और लोगों की जान तक चली जाती है। ऐसे में समय रहते सुरक्षा उपायों और वैज्ञानिक तरीके से सड़क निर्माण कार्य कराना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
निष्कर्ष
चमोली के नीति-मलारी हाईवे पर हुआ यह भूस्खलन पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते जोखिम और निर्माण कार्यों के दौरान बरती जा रही लापरवाही की ओर बड़ा संकेत है। घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि विकास कार्यों के साथ सुरक्षा मानकों का पालन बेहद आवश्यक है। फिलहाल प्रशासन मार्ग को जल्द खोलने के प्रयास में जुटा है, जबकि स्थानीय लोग भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।


