देहरादून | 09 जून 2026
चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड परिवहन विभाग ने पर्वतीय मार्गों पर यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन चलाने वालों के खिलाफ तत्काल चालान की कार्रवाई की जाए और आवश्यकतानुसार अन्य कानूनी कदम भी उठाए जाएं।
चारधाम यात्रा मार्गों पर बढ़ाई गई निगरानी
परिवहन आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार चारधाम यात्रा मार्गों पर कई ऐसे हिस्से हैं जहां सड़कें अपेक्षाकृत सीधी और कम घुमावदार हैं। इन क्षेत्रों में कुछ वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करते हुए तेज रफ्तार से वाहन चला रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने यात्रा मार्गों पर तैनात सभी इंटरसेप्टर वाहनों और प्रवर्तन टीमों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि ओवरस्पीडिंग की जांच को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
केवल ओवरस्पीडिंग ही नहीं, अन्य उल्लंघनों पर भी होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान केवल तेज रफ्तार वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। यात्रा मार्गों पर शराब पीकर वाहन चलाने, अत्यधिक थकान या अनिद्रा की स्थिति में ड्राइविंग करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले चालकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा क्षमता से अधिक सवारियां ढोने वाले वाहनों, फिटनेस मानकों का पालन नहीं करने वाले वाहनों और तकनीकी रूप से खराब स्थिति में संचालित वाहनों की भी गहन जांच की जाएगी।
पर्वतीय मार्गों पर छोटी लापरवाही भी बन सकती है बड़ी दुर्घटना का कारण
परिवहन विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से गुजरती हैं। ऐसे मार्गों पर तेज रफ्तार, लापरवाही या नियमों की अनदेखी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं को जन्म दे सकती है।
चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु राज्य में पहुंच रहे हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाना आवश्यक है। विभाग का उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना और यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखना है।
प्रवर्तन अभियान में बड़ी संख्या में हुए चालान
परिवहन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्यभर में विशेष अभियान के तहत रविवार तक कुल 36,644 वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान विभिन्न यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 6,901 वाहनों के चालान किए गए।
इन चालानों में 4,396 वाहन उत्तराखंड में पंजीकृत थे, जबकि 2,505 वाहन अन्य राज्यों के थे। इसके अतिरिक्त गंभीर उल्लंघनों के मामलों में 219 वाहनों को सीज भी किया गया है।
चारधाम यात्रियों से नियमों के पालन की अपील
परिवहन विभाग ने चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी वाहन चालकों और यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, वाहन चलाते समय पूर्ण सतर्कता बरतें और यातायात नियमों का सम्मान करें। विभाग का कहना है कि सुरक्षित यात्रा केवल प्रशासनिक निगरानी से नहीं, बल्कि चालक और यात्रियों की जिम्मेदारी से भी संभव है।
निष्कर्ष
चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ती वाहनों की आवाजाही और पर्वतीय मार्गों की संवेदनशीलता को देखते हुए परिवहन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। ओवरस्पीडिंग, नशे में ड्राइविंग, मोबाइल के उपयोग और अन्य यातायात उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विभाग को उम्मीद है कि सख्त निगरानी और नियमित जांच अभियान से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संपन्न होगी।


