स्थान: रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
तारीख: 16 अप्रैल 2026
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की आगामी यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। 22 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सड़क से लेकर लैंडस्लाइड जोन तक सीएम का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक यात्रा कर व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और बांसवाड़ा व कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
उन्होंने सड़क मरम्मत, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर जोर
गुप्तकाशी में आयोजित समीक्षा बैठक में सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील और सौम्य व्यवहार किया जाए।
हेलीपैड पर यात्री शेड, भूस्खलन क्षेत्रों के पास पुलिस चौकियों में दवाइयां, पेयजल और फूड पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत मिल सके।
‘ग्रीन यात्रा’ और लोकल उत्पादों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने इस बार यात्रा को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने पर जोर देते हुए ‘ग्रीन यात्रा’ की अवधारणा को प्राथमिकता दी।
साथ ही ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़कर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उनकी आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने भी की उच्चस्तरीय समीक्षा
उधर, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने लोकभवन में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है, जिसे पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निभाना होगा।
फर्जी बुकिंग और साइबर ठगी पर सख्ती
बैठक में राज्यपाल ने फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग, ओवर रेटिंग और होटल धोखाधड़ी जैसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों पर नियंत्रण और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।
स्वास्थ्य सेवाएं और आपात तैयारी प्राथमिकता
राज्यपाल ने यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर उपचार और रेस्क्यू व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
60 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण और हृदय संबंधी समस्याओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
निष्कर्ष
चारधाम यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल दोनों स्तरों पर लगातार मॉनिटरिंग से साफ है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।




