स्थान: देहरादून
तारीख: 15 अप्रैल 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा Delhi-Dehradun Expressway (दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर) के उद्घाटन के बाद इस मार्ग पर यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। नई सड़क पर पहले ही दिन यात्रियों ने बिना जाम और रुकावट के तेज और आरामदायक सफर का अनुभव साझा किया।
उद्घाटन के कुछ ही घंटों बाद देहरादून के आशारोड़ी चेकपोस्ट पर पहुंचने वाले यात्रियों के चेहरों पर संतोष और आश्चर्य साफ झलक रहा था। वर्षों से लंबी और थकाऊ यात्रा के आदी लोग अब इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के कारण बदले हुए अनुभव को महसूस कर रहे हैं।
दक्षिण दिल्ली निवासी रोहित मलिक ने बताया कि उन्होंने अक्षरधाम से देहरादून तक का सफर मात्र 2 घंटे 40 मिनट में पूरा किया। उन्होंने कहा कि पूरे रास्ते कहीं भी जाम या रुकावट नहीं मिली और वाहन लगातार एक समान गति से चलता रहा। रोहित, जो दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल हैं, अपनी पत्नी प्रियंका के साथ सिर्फ इस नए एक्सप्रेसवे का अनुभव लेने देहरादून पहुंचे।
दिल्ली के शाहदरा निवासी शुभम चौधरी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस नई सड़क ने यात्रा की पूरी परिभाषा बदल दी है। पहले जहां दिल्ली से देहरादून पहुंचने में 5 से 6 घंटे लगते थे, अब यह समय काफी कम हो गया है। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ मसूरी घूमने आए हैं और सफर बेहद सुगम रहा।
हरियाणा के यमुनानगर निवासी अंकुर पोहान ने बताया कि वह केवल 2 घंटे में देहरादून पहुंच गए। उन्होंने कहा कि पूरे मार्ग पर वाहन बिना किसी तनाव के तेज गति से चलते रहे, जिससे यात्रा आरामदायक और भरोसेमंद बनी रही।
यात्रियों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे केवल दूरी ही कम नहीं कर रहा, बल्कि यात्रा को अधिक पूर्वानुमेय, सुरक्षित और सुविधाजनक बना रहा है। अब यात्राओं की योजना समय और जाम को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि सुविधा के अनुसार बनाई जा सकेगी।
निष्कर्ष:
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने पहले ही दिन यह संकेत दे दिया है कि यह परियोजना दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली है। आने वाले समय में यह कॉरिडोर पर्यटन, व्यापार और आवागमन के लिए एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन साबित हो सकता है।


