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छात्रा से मारपीट पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, अतिथि शिक्षिका का अनुबंध तत्काल समाप्त

स्थान: अल्मोड़ा, उत्तराखंड
दिनांक: 24 अगस्त 2026

अल्मोड़ा के राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं में छात्रा के साथ मारपीट के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुरू हुई जांच में अतिथि शिक्षिका की भूमिका सामने आई। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षिका का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।

सोमवार को जिलाधिकारी अंशुल सिंह खुद विद्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने प्रधानाचार्य से घटना के संबंध में जानकारी लेने के साथ संबंधित छात्रा के माता-पिता से भी मुलाकात की। इसके अलावा विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं से बातचीत कर घटना की वास्तविक स्थिति समझने का प्रयास किया।

वायरल वीडियो के बाद प्रशासन ने शुरू की जांच

राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं में 22 अगस्त को छात्रा के साथ अतिथि शिक्षिका द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सोमवार को विद्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्य और संबंधित लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। छात्रा के माता-पिता से बातचीत कर उनका पक्ष भी जाना गया।

डीएम ने विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों से भी सीधे संवाद किया, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी विभिन्न स्तरों से प्राप्त की जा सके।

जांच समिति की रिपोर्ट पर शिक्षिका का अनुबंध खत्म

घटना की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी लमगड़ा और उप खंड शिक्षा अधिकारी धौलादेवी की संयुक्त जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने मामले की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी।

जांच रिपोर्ट में संबंधित अतिथि शिक्षिका का अनुबंध समाप्त करने की संस्तुति की गई। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षिका का अनुबंध समाप्त कर दिया। इसके साथ ही उन्हें विद्यालय की सेवा से हटा दिया गया है।

बच्चों से मारपीट किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के नाम पर बच्चों के साथ मारपीट या किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई स्वीकार्य नहीं होगी।

उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के साथ सकारात्मक और संवेदनशील व्यवहार करने की अपील की। जिलाधिकारी के अनुसार विद्यार्थियों में अनुशासन बनाए रखने के लिए मारपीट के बजाय संवाद, काउंसलिंग और सकारात्मक तरीकों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी छात्र या छात्रा से जुड़ी समस्या होने पर पहले उसके अभिभावकों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए।

विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था का भी लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय के सभी शिक्षकों से मुलाकात की और पढ़ाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यालय में अनुशासन और संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की स्थिति की भी समीक्षा की।

डीएम ने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली और विद्यालय प्रशासन से शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

विद्यार्थियों ने रखी फुटबॉल मैदान की मांग

विद्यालय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। इस दौरान विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ खेल सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली गई।

छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में फुटबॉल खेलने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग जिलाधिकारी के सामने रखी। विद्यार्थियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने विद्यालय में खेल सुविधाओं के विकास के निर्देश दिए।

उन्होंने फुटबॉल खेलने के लिए उपयुक्त मैदान उपलब्ध कराने को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

शौचालय और साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश

जिलाधिकारी ने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान शौचालयों की स्थिति और साफ-सफाई व्यवस्था की जानकारी ली गई।

उन्होंने विद्यालय परिसर में नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करने और शौचालयों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। डीएम ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

विद्यालय तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति का भी जिलाधिकारी ने जायजा लिया और सड़क व रास्ते को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पर्याप्त मात्रा में नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने पानी के उचित भंडारण के लिए टैंक की व्यवस्था करने और विद्यालय की पेयजल प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कार्य प्राथमिकता से कराने को कहा।

बच्चों की सुरक्षा और सुविधाएं प्रशासन की प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय सिर्फ पढ़ाई कराने का स्थान नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र भी है। इसलिए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित वातावरण, खेलकूद की सुविधाएं, स्वच्छता और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मिलना जरूरी है।

उन्होंने विद्यालय प्रशासन और संबंधित विभागों को विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निष्कर्ष

अल्मोड़ा के राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं में छात्रा से मारपीट के मामले में प्रशासन की कार्रवाई से स्पष्ट है कि विद्यार्थियों के साथ किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अतिथि शिक्षिका का अनुबंध समाप्त कर दिया गया है। वहीं जिलाधिकारी के विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षा के साथ खेल, स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का संदेश साफ है कि विद्यालयों में अनुशासन के साथ बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और सकारात्मक वातावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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