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जौनसार-बावर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, नागथात से मुख्यमंत्री धामी ने की कई बड़ी घोषणाएं

नागथात/विकासनगर (देहरादून) | 8 जून 2026

जौनसार-बावर क्षेत्र के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागथात स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केदार सिंह स्टेडियम में आयोजित जौनसार-बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग करते हुए क्षेत्र के लिए अनेक विकास योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक एकता और मेहनतकश लोगों के लिए भी देशभर में जाना जाता है।


मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें समरजेंस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने तथा विकासखंड चकराता के बागी-खेड़ा-कोटा-तपलाड मार्ग पर यमुना नदी पर 60 मीटर स्पान पुल के निर्माण की घोषणा प्रमुख रही।


इसके अलावा मुख्यमंत्री ने चकराता क्षेत्र में क्यारापुल-डामटा-म्यूंडा मोटर मार्ग के किलोमीटर 22 से छामरी एवं जाखणी तक सड़क निर्माण, कालसी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सकरोल से भोड़ा-भालनू एवं उटेल होते हुए द्वितीय सिद्धपीठ महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा भी की।


ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और सड़क संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने चकराता के ग्राम खबऊ के खेड़ा रमारका-कुन्ना-बुराष्टी क्षेत्र में यमुना नदी से पंपिंग पेयजल योजना स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही जगथान-बुरायला मार्ग से ग्राम उदांवा तक सड़क निर्माण को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में प्रस्तावित करने तथा द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग के निर्माण का भी ऐलान किया।


मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि जौनसार-बावर सांस्कृतिक पुनरुत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से इस आयोजन के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जौनसार की लोक परंपराएं, रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी सांस्कृतिक विरासत न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश की पहचान हैं।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना और जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाओं ने आदिवासी समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव’ के माध्यम से जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया है। इसके साथ ही प्रतिवर्ष जनजातीय खेल महोत्सव आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित कर उनमें सड़क, बिजली, पेयजल और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां जनजातीय बच्चों को निशुल्क गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बाजपुर और चकराता में नए एकलव्य विद्यालयों का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय समुदाय के छात्रों को प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। प्रदेश में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित हैं। वहीं जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। जनजातीय शोध संस्थान को सशक्त बनाने के लिए एक करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है।


क्षेत्रीय विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि चकराता क्षेत्र में लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत वाली 56 विकास योजनाओं को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 51 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष योजनाओं को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। पूरे क्षेत्र की सड़क व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।


उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-707 और 707-ए का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड़ क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है। वहीं न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डाडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है, जिससे भविष्य में क्षेत्र में पेयजल संकट की समस्या समाप्त हो जाएगी।


महासू देवता मंदिर परिसर के विकास के लिए तैयार किए गए 120 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान का भी तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक संरक्षण और आधारभूत विकास के माध्यम से जौनसार-बावर को नई पहचान देने का लक्ष्य रखा गया है।


निष्कर्ष

नागथात में आयोजित जौनसार-बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्र के विकास की नई रूपरेखा भी तय कर गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा घोषित सड़क, पुल, पेयजल, शिक्षा और जनजातीय कल्याण से जुड़ी योजनाएं आने वाले वर्षों में जौनसार-बावर के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और स्थानीय युवाओं के भविष्य को भी नई उड़ान मिलने की उम्मीद है।

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