स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 30 जुलाई 2026
देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। नई बस्ती स्थित बरसाती नाले में खेलते और नहाते समय दो मासूम सगी बहनें अचानक आए तेज पानी के बहाव में बह गईं। दोनों बच्चियां नाले के ऊपर बने रैंप के नीचे फंस गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है, जबकि परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम लगभग चार बजे राजेश मित्तल ने क्लेमेनटाउन थाना पुलिस को सूचना दी कि दुर्गा मंदिर, नई बस्ती के पास बरसाती नाले में दो बच्चियां बहकर रैंप के नीचे फंस गई हैं। सूचना मिलते ही क्लेमेनटाउन थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। हालांकि, तब तक स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों को बाहर निकाल लिया था, लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थीं।
मृतक बच्चियों की पहचान सात वर्षीय लक्ष्मी कुमारी और साढ़े तीन वर्षीय सोनाक्षी कुमारी के रूप में हुई है। दोनों रीना कुमारी और रुदल सदा की बेटियां थीं। परिवार मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले के छोटम पिपरा गांव का निवासी है और वर्तमान में क्लेमेनटाउन की नई बस्ती में किराये के मकान में रहकर दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवनयापन कर रहा है।
बच्चियों की मां रीना कुमारी ने पुलिस को बताया कि गुरुवार दोपहर करीब एक बजे दोनों बेटियां घर के बाहर स्थित बरसाती नाले में नहाने और खेलने गई थीं। इसी दौरान अचानक नाले में पानी का बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते दोनों मासूम बहाव की चपेट में आ गईं और नाले के ऊपर बने रैंप के नीचे जाकर फंस गईं।
जब काफी देर तक दोनों बच्चियां घर वापस नहीं लौटीं तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान बड़ी बेटी लक्ष्मी की टांग रैंप के नीचे दिखाई दी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और दोनों बच्चियों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
रीना कुमारी ने बताया कि उनके पति रुदल सदा किसी आवश्यक कार्य से अपने पैतृक गांव बिहार गए हुए हैं। घटना की सूचना उन्हें दे दी गई है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और आसपास के लोगों की भी आंखें नम हो गईं।
थाना क्लेमेनटाउन प्रभारी मोहन सिंह ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों से पूछताछ में यही तथ्य सामने आए हैं कि दोनों बच्चियां बरसाती नाले के तेज बहाव में बहकर रैंप के नीचे फंस गई थीं, जिससे उनकी डूबने से मौत हो गई। प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटनावश डूबने का प्रतीत होता है। पुलिस ने दोनों शवों का पंचायतनामा भरकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
निष्कर्ष
क्लेमेनटाउन की यह हृदयविदारक घटना बरसात के मौसम में बरसाती नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के बढ़ते खतरे की गंभीर चेतावनी है। प्रशासन और स्थानीय निकायों के लिए ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और लोगों को जागरूक करना बेहद आवश्यक है। वहीं अभिभावकों से भी अपील की जा रही है कि बरसात के दौरान बच्चों को नालों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले जल स्रोतों के आसपास अकेले न जाने दें, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


