स्थान: श्यामपुर रेंज, हरिद्वार, उत्तराखंड
तारीख: 30 जुलाई 2026
हरिद्वार के श्यामपुर रेंज में एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की दर्दनाक घटना सामने आई है। कांसवाली बीट क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक जंगली हाथी ने घास लेने गए ग्रामीण पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हाथी के हमले में ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि वन विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
घास लेने जंगल गया था ग्रामीण, हाथी से हुआ आमना-सामना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुर्जर समुदाय के एहसान पुत्र यूसुफ गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे अपने पशुओं के लिए घास लेने आरक्षित वन क्षेत्र में गए थे। इसी दौरान उनका सामना जंगल में मौजूद एक जंगली हाथी से हो गया।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें कई बार पटक दिया। गंभीर चोटों के कारण एहसान की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय वह जंगल में अकेले थे, जिससे उन्हें समय रहते कोई सहायता नहीं मिल सकी।
सूचना मिलते ही हरकत में आया वन विभाग और पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इसके बाद श्यामपुर थाना पुलिस को भी सूचना दी गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वहीं वन विभाग ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया।
घटनास्थल से जुटाए गए अहम साक्ष्य
वन विभाग ने मामले की जांच के तहत घटनास्थल के फोटोग्राफ, जीपीएस लोकेशन, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल पर जंगली हाथी की मौजूदगी के स्पष्ट संकेत मिले हैं।
वन अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
डीएफओ ने किया मौके का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही हरिद्वार वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) स्वप्निल अनिरुद्ध भी अधिकारियों के साथ घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया और हाथी की गतिविधियों से जुड़े साक्ष्यों का जायजा लिया।
डीएफओ ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि मृतक अकेले जंगल में गया था और उसी दौरान उसका सामना हाथी से हो गया। एहतियात के तौर पर फिलहाल संबंधित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
वन विभाग की अपील, जंगल में जाने से बचें
वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि जिन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही रहती है, वहां बिना अत्यंत आवश्यक कारण के प्रवेश न करें। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय आरक्षित वन क्षेत्र में अकेले जाने से बचें तथा किसी भी जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में हाथियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है।
परिवार में पसरा मातम, गांव में दहशत
घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गुर्जर समुदाय और आसपास के गांवों में शोक और भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथियों की बढ़ती आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए स्थायी उपाय करने की मांग की है।
निष्कर्ष
श्यामपुर रेंज में जंगली हाथी के हमले में हुई ग्रामीण की मौत मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चुनौती को एक बार फिर सामने लाती है। वन क्षेत्रों से सटे गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, हाथियों की गतिविधियों की नियमित निगरानी करने और समय रहते चेतावनी तंत्र को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। साथ ही ग्रामीणों को भी वन विभाग के सुरक्षा निर्देशों का पालन करते हुए आरक्षित जंगलों में अकेले प्रवेश करने से बचना चाहिए, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।


